हिन्दी समाचार
  • सतारा के साहित्य सम्मेलन से बाहर निकाले गए दो दलित लेखक
    महाराष्ट्र के सतारा में दो दलित लेखकों को एक साहित्य सम्मेलन से अपमानित कर सिर्फ इसलिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि इन लेखकों के भाषणों से मराठा समुदाय से जुड़े कुछ संगठन नाराज हो गए थे। घटना, सतारा के पाटन की है जहां महाराष्ट्र साहित्य परिषद की ओर से दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का आयोजन ...
  • गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुस्लिमो को मारना भाजपा को भारी पड़ने लगा| दलित मुस्लिम एक हुये
    यूपी में गोरक्षा के मुद्दे ने दलितों और मुस्लिमों को गोलबंद कर दिया है जिसका फायदा बीएसपी को आने वाले चुनाव में मिल सकता है। यूपी में दलित और मुस्लिम वोटर्स एक नए चुनावी समीकरण के तौर पर उभर रहे हैं। बीजेपी यूपी में अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी बीएसपी के दलित वोट में सेंध लगाने की ...
  • सहारनपुर: यहां पुलिस के डर से जंगलों में रात बिता रहे हैं दलित!
    15 अगस्त के बाद से सहारनपुर के उसंद गांव के दलित समुदाय के लोग पास के जंगल में रात गुजार रहे हैं। गांव की दलित महिलाएं रात भर देखा करती हैं कि कहीं पुलिस की जीप तो नहीं आ रही है। पिछले एक हफ्ते में तीन दलितों की कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती की ...
  • ABP-नीलसन सर्वे : 2017 में बसपा बनाएगी उत्तर प्रदेश में सरकार
    एबीपी न्यूज ने कल आपको यूपी का ओपिनियन पोल दिखाया था जिसमें बीएसपी सरकार बनाने के करीब नजर आ रही थी. सत्ताधारी समाजवादी पार्टी सर्वे में तीसरे नंबर पर थी. आज एबीपी न्यूज के ओपिनियन पोल की गूंज यूपी में सुनाई दी. देखिए सर्वे पर पार्टियां क्या कह रही हैं? आगरा में अखिलेश यादव अपने ...
  • आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश
    बहन मायावती जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की देशद्रोह की धारा में गिरफ्तारी की निंदा की है। बहन मायावती जी ने यहां जारी एक बयान ...
  • ‘ब्लॉक प्रमुख चुनावों में सपा ने खूब की गुंडई, अपहरण भी कराए’: बहन मायावती जी
    बहन मायावती जी ने यूपी में सत्तारूढ़ सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन जी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में ये आरोप लगाए। बहन जी ने इस बैठक में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधान आदि चुनावों की तरह ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा के लोगों ने जमकर ...
  • बीबीएयू में पीएम का विरोध, दूसरे स्टूडेंट्स ने मांगी माफी
    बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी यानी बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में आए पीएम नरेंद्र मोदी का कुछ छात्रों द्वारा विरोध किए जाने को लेकर यूनिवर्सिटी के दूसरे स्टूडेंट्स ने पीएम से माफी मांगी है। माफीनामे पर बड़ी संख्या में छात्रों ने दस्तखत किए और सोमवार शाम इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दिया गया। कैंपस में ...
  • JNU के 9 और स्टूडेंट्स ने लगाए भेदभाव के आरोप
    एक रिसर्च स्टूडेंट द्वारा पत्र लिखकर भेदभाव का आरोप लगाने के बाद मंगलवार को स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज के 9 और स्टूडेंट्स सामने आए और सभी ने कहा कि उन्हें उनकी कास्ट को लेकर जेएनयू में हैरस किया जाता है। ये सभी एससी/एसटी या ओबीसी कैटिगरी से हैं। इन 9 स्टूडेंट्स का आरोप है कि ...
  • वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन
    रिसर्च स्टूडेंट रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद 17 जनवरी को शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहकर पूरे देश में फैलेगा। जेएनयू और डीयू सहित नौ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि अभी कैंपस में हैं और उन्होंने एक नैशनल जेएसी बनाई है ताकि वेमुला की खुदकुशी के मामले में कार्रवाई के लिए ...
  • सपा सरकार मे यहां दलितों पर टूट रहा दबंगों का कहर, पानी पीने नहीं देते, खिलाते हैं मलमूत्र
    झांसी. हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्‍टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड किए जाने का मामला पूरे देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ | हम वो 10 मामले बताने जा रहा है, जो दलितों के साथ होने वाले अत्‍याचार को बयां करते हैं। आगे पढ़िए, कौन से हैं 10 मामले… पहला मामला: 20 जनवरी 2016 बांदा के ...
Manyawar Shir Kanshi Ram Ji
Power of Uttar Pradesh
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हिन्दी समाचार :


वाहनों को जीपीएस प्रणाली से लैस किया जाए:- मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 26th Sep, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने व्यावसायिक वाहनों व रोडवेज बसों को जीपीएस प्रणाली से लैस करने का निर्देश दिया है, ताकि ऐसे वाहनों के संचालन व रफ्तार पर नजर रखी जा सके। शुक्रवार को अपने आवास पर परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्ग दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए। इसके लिए वाहनों की फिटनेस, गति सीमा व चालकों के समुचित प्रशिक्षण जैसे मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम के कानपुर स्थित वाहन चालक प्रशिक्षण केन्द्र की सुविधाओं का प्रयोग चालकों को प्रशिक्षण प्रदान करने में किया जाए।

केंद्र की कांग्रेस सरकार का राजनित से प्रेरित विकास का नाटक

लखनऊ।, 26th Sep, 2009

पिछड़े वर्ग के छात्रों की बकाया 20.87 अरब रुपये की छात्रवृत्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में बकाये के कारण हो रही कठिनाइयों का जिक्र करते हुए यहां तक कह दिया है कि राज्य सरकार को इस कार्यक्रम को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से बकाये से सम्बंधित इस मामले के निदान के लिए परीक्षण का आग्रह किया है। पत्र में यह भी जिक्र है कि केंद्र सरकार द्वारा अपने वार्षिक बजट में जो व्यवस्था करायी जाती है वह केंद्र सरकार की देयता की तुलना में अपर्याप्त है। इसी कारण वर्षो से बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
गत 18 सितम्बर को लिखे गये इस पत्र में केंद्र पर बकाया पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति का वर्षवार ब्योरा देते हुए कहा गया है कि पूर्व दशम छात्रों को छात्रवृत्ति के मद में 2510.78 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। योजना में 50 प्रतिशत केंद्रांश होने के कारण राज्य सरकार को केंद्र सरकार से 1255.37 करोड़ रुपये प्राप्त होने चाहिए लेकिन मात्र 46.87 करोड़ की राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार उक्त मद में 1208.50 करोड़ की राशि अवशेष है।
पत्र में उल्लेख है कि दशमोत्तर छात्रों को दी जाने वाली पूरी राशि की अदायगी केंद्र सरकार द्वारा की जानी चाहिए। इस मद में 661.36 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं लेकिन केंद्र सरकार से मात्र 119.48 करोड़ की राशि ही प्राप्त हुई है। इस प्रकार इस मद में 541.88 करोड़ की राशि अवशेष है। इसी प्रकार शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 337.43 करोड़ की राशि व्यय की गयी। इस योजना के तहत पूरी राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होनी चाहिए लेकिन कोई भी धनराशि नहीं प्राप्त हुई। इस प्रकार केंद्रांश के रूप में 2087.81 करोड़ की राशि अवशेष है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इतनी बड़ी धनराशि राज्य सरकार को नहीं मिल पाने के कारण विकास कार्यो में व्यवधान हो रहा है।

पिछड़े वर्ग के छात्रों की बकाया 20.87 अरब रुपये की छात्रवृत्ति को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र

लखनऊ।, 23rd Sep, 2009

पिछड़े वर्ग के छात्रों की बकाया 20.87 अरब रुपये की छात्रवृत्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में बकाये के कारण हो रही कठिनाइयों का जिक्र करते हुए यहां तक कह दिया है कि राज्य सरकार को इस कार्यक्रम को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से बकाये से सम्बंधित इस मामले के निदान के लिए परीक्षण का आग्रह किया है। पत्र में यह भी जिक्र है कि केंद्र सरकार द्वारा अपने वार्षिक बजट में जो व्यवस्था करायी जाती है वह केंद्र सरकार की देयता की तुलना में अपर्याप्त है। इसी कारण वर्षो से बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
गत 18 सितम्बर को लिखे गये इस पत्र में केंद्र पर बकाया पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति का वर्षवार ब्योरा देते हुए कहा गया है कि पूर्व दशम छात्रों को छात्रवृत्ति के मद में 2510.78 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। योजना में 50 प्रतिशत केंद्रांश होने के कारण राज्य सरकार को केंद्र सरकार से 1255.37 करोड़ रुपये प्राप्त होने चाहिए लेकिन मात्र 46.87 करोड़ की राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार उक्त मद में 1208.50 करोड़ की राशि अवशेष है।
पत्र में उल्लेख है कि दशमोत्तर छात्रों को दी जाने वाली पूरी राशि की अदायगी केंद्र सरकार द्वारा की जानी चाहिए। इस मद में 661.36 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं लेकिन केंद्र सरकार से मात्र 119.48 करोड़ की राशि ही प्राप्त हुई है। इस प्रकार इस मद में 541.88 करोड़ की राशि अवशेष है। इसी प्रकार शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 337.43 करोड़ की राशि व्यय की गयी। इस योजना के तहत पूरी राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होनी चाहिए लेकिन कोई भी धनराशि नहीं प्राप्त हुई। इस प्रकार केंद्रांश के रूप में 2087.81 करोड़ की राशि अवशेष है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इतनी बड़ी धनराशि राज्य सरकार को नहीं मिल पाने के कारण विकास कार्यो में व्यवधान हो रहा है।

दलित स्मारक तोड़े तो होंगे गंभीर नतीजेः मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 16th Sep, 2009

दलित स्मारकों को ढहाने की समाजवादी पार्टी (एसपी) की धमकी का मुख्यमंत्री मायावती ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी किसी हरकत से समूचे देश में कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा होगी और राष्ट्रपति शासन लगाने की नौबत आ सकती है।
यहां कांशीराम इको ग्रीन पार्क शिलान्यास करते हुए मायावती ने कहा कि एसपी ने हमेशा दलित नेताओं के सम्मान में बने स्मारकों का नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो अदालतों में झूठे मुकदमे करा दिए। उन्होंने कहा कि मुलायम ने ऐलान किया है कि स्मारकों और पार्कों के ढहा देंगे। मैं उन्हें चेतावनी देती हूं कि इसके गंभीर परिणाम होंगे। अगर एसपी ने कभी ऐसा दुस्साहस करने की कोशिश की देश भर में इसका कड़ा विरोध होगा। ऐसी सूरत में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है और देश में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होकर दलित स्मारकों व मूर्तियों के निर्माण का विरोध कर रही हैं और जनता के पैसे का दुरुपयोग का आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस ने तो गांधी-नेहरू परिवार से आगे देखा ही नहीं
आजादी के बाद कांग्रेस ने राजघाट से लेकर देश के अन्य हिस्सों में गांधी-नेहरू परिवार के सदस्यों के स्मारक बनाने में करोड़ों रुपये खर्च किए, तो उसे सरकारी खजाने का दुरुपयोग नहीं कहा गया। कांग्रेस ने तो राजेंद प्रसाद, सुभाष चंद्र बोस और गोपालकृष्ण गोखले जैसे अपने महान नेताओं की ही अनदेखी की। मायावती ने कहा कि कांग्रेस के भेदभाव से आहत दिल्ली में रहने वाले दलितों के अनुरोध पर नोएडा पार्क में दलित नेताओं की मूतिर्यां लगाई जा रही हैं।

किसान सेवा केन्द्रों की स्थापना की जाये: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 16th Sep, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने निर्देश दिया कि किसानों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए थ्री-पी माडल के आधार पर किसान सेवा केन्द्रों की स्थापना करायी जाए। उन्होंने कहा कि योजनाएं तैयार करते वक्त इनके व्यवहारिक एवं मानवीय पहलुओं को नजरअन्दाज न किया जाए। इसके लिए योजना की रूपरेखा बनाने से पहले इसके लाभार्थियों की राय जरूर ली जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को योजना भवन में ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, ग्राम्य विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, पंचायती राज, कृषि, वन, परिवार कल्याण, पशुपालन, उद्यान, समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों के प्रमुख सचिवों व सचिवों के साथ इन विभागों के कामकाज की समीक्षा हुई। समीक्षा कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह, अतिरिक्त कैबिनेट सचिव विजय शंकर पाण्डे तथा मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने की। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले से चल रही परियोजनाओं की उपयोगिता की समीक्षा करके जरूरी हो तो प्रारूप में संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग नये संसाधन विकसित करने से पहले मौजूदा संसाधनों का पूरा उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिवों व सचिवों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के 18 हजार करोड़ रुपये केन्द्र सरकार द्वारा अब तक अवमुक्त नहीं किये गए। अधिकारी अपने स्तर से निरन्तर प्रयास करके यह धनराशि अवमुक्त कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी गांवों का भ्रमण करके स्वच्छ शौचालय योजना की समीक्षा करें, ताकि शौचालयों को उपयोगी बनाने के लिए योजना में जरूरी संशोधन किया जा सके। उन्होंने डा.अम्बेडकर ग्रामसभा विकास योजना के तहत गांवों में सी.सी.रोड़, खड़ंजा मार्गो, दस हजार सोडियम लाइटें लगाने तथा दो हजार डा.अम्बेडकर सामुदायिक केन्द्रों की स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों का वर्ष में एक बार सत्यापन कराने और लाइफ सर्टीफिकेट प्राप्त करने के निर्देश दिये।

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केंद्र सरकार राज्यों की लोक व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था कायम रखने में रुचि नहीं ले रही :उच्च न्यायालय

इलाहाबाद, 13th Sep, 2009

उच्च न्यायालय ने रासुका के तहत नजरबंदी मामले में कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से विस्तृत ब्यौरे के साथ हलफनामा न दाखिल होने के कारण निरुद्धि आदेश रद हो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार राज्यों की लोक व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था कायम रखने में रुचि नहीं ले रही है। न्यायालय ने कहा कि चार पैराग्राफ के शपथ पत्र में निरुद्धि मामले में प्रत्यावेदन निस्तारण में हुए विलंब का स्पष्टीकरण नहीं होता है जिससे अपराधी छूट जाते हैं। न्यायालय ने गृह मंत्रालय के अनु सचिव को 17 सितम्बर को हाजिर होने का निर्देश देते हुए कहा है कि वह इसका स्पष्टीकरण दें और बताएं कि निरोधात्मक कानून की बेहतर जानकारी न रखने वाले अधिवक्ताओं को क्यों ब्रीफ दी जा रही है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे कई मामले आये हैं और भविष्य में यदि यही जारी रहा तो कोर्ट केंद्रीय गृह सचिव को बुला सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अमर सरन तथा न्यायमूर्ति अशोक श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मुरादाबाद के अमित की याचिका पर दिया है। न्यायालय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे प्रत्यावेदन प्राप्त करने की तिथि, कैसे निर्णीत हुआ और निर्णय लेने में हुई देरी का स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता। न्यायालय ने कहा कि इस तरह के जवाबी हलफनामे या तो मिलीभगत से दाखिल हो रहे हैं या केस से कोई सरोकार न रखने वाले होते हैं। उल्लेखनीय है कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की नोटिस मिलते ही केंद्र सरकार को भेज दी जाती है। वहां से जवाबी हलफनामे तैयार कर कोर्ट में दाखिल करने के लिए अधिवक्ता को भेज दिया जाता है। इसके आधार पर भारत सरकार के अधिवक्ता को पक्ष रखना होता है।
मंत्रालय द्वारा हलफनामा तैयार होकर आने के कारण केस के तथ्यों के अनुरूप स्पष्टीकरण के अभाव में केस निर्णीत हो रहे हैं। प्रश्नगत मामले के तथ्यों के अनुसार पीडि़ता (नीतू) एक नवम्बर 2008 को अपनी मां के साथ सायं सात बजे अपने घर जा रही थी उसी समय याची अमित ने उस पर तेजाब फेंका, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। इस घटना की प्राथमिकी मझोला थाने में भादंसं की धारा 307 व 326 में दर्ज हुआ है। तेजाब से पूरा चेहरा झुलस गया और उसकी दाहिनी आंख खराब हो गयी जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गयी। जिलाधिकारी मुरादाबाद ने 21 जनवरी 2009 को याची के विरुद्ध रासुका में निरुद्धि आदेश पारित किया जिसे इस याचिका में चुनौती दी गयी है। चार प्रस्तर के जवाब में केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यावेदन निस्तारण में देरी का स्पष्टीकरण न दिये जाने से कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है।

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मुख्यमंत्री मायावती जी ने सिंचाई परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से मदद मांगी

लखनऊ।, 09th Sep, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से प्रदेश के बुन्देलखंड व विन्ध्याचल जैसे पिछड़े क्षेत्रों के त्वरित विकास के लिए झांसी, चित्रकूट एवं मिर्जापुर राजस्व मण्डलों को त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष श्रेणी में वर्गीेकृत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रदेश की कम से कम तीन सिंचाई परियोजनाओं को नेशनल प्रोजेक्ट के रूप में शामिल कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र में कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा ए.आई.बी.पी. के अंतर्गत प्रदेशों की अपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण कराने की योजना संचालित की जा रही है। बुन्देलखंड एवं विन्ध्याचल के झांसी, चित्रकूट व मिर्जापुर मण्डल पहाड़ी एवं अति पिछड़े क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में वर्षा कम होती है तथा पानी की कमी के कारण सूखे की स्थिति रहती है। ये दोनों क्षेत्र कई वर्षो से सूखे से प्रभावित होते रहे है।
मायावती ने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित ए.आई.बी.पी. कार्यक्रम के अनुसार सिंचाई की दृष्टि से पिछड़े कई प्रदेशों तथा उड़ीसा के कुछ जिलों को विशेष श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। बुन्देलखंड एवं विन्ध्याचल क्षेत्र भी सिंचाई की दृष्टि से कठिन एवं पिछड़े है। राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों के विकास के लिए कई सिंचाई परियोजनाएं तैयार की गई, परंतु विशेष दर्जा न मिल पाने के कारण उनके वित्त पोषण को प्राथमिकता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इन क्षेत्रों को ए.आई.बी.पी. की गाइडलाइन्स के अनुसार विशेष श्रेणी में वर्गीकृत किये जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि विशेष श्रेणी का दर्जा प्राप्त होने से इन क्षेत्रों का पिछड़ापन दूर करने में मदद मिलेगी। ए.आई.बी.पी. की दिशा-निर्देश के तहत विशेष श्रेणी में वर्गीकृत किये जाने की स्थित में परियोजना के वित्त पोषण में 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि केन्द्र के जल संसाधन मंत्रालय की वर्तमान नीति के अंतर्गत नेशनल प्रोजेक्ट के रूप में प्रत्येक राज्य के लिए सिंचाई की एक परियोजना रखे जाने का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है तथा इसकी आबादी भारत की आबादी का 1/5वां भाग है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कम से कम तीन सिंचाई परियोजनाएं नेशनल प्रोजेक्ट के रूप में अनुमन्य की जानी चाहिए।

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मुख्यमंत्री मायावती जी ने विकलांग विवि व नई जेल का लोकार्पण किया

लखनऊ।, 04 Sep, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय तथा नवनिर्मित जिला जेल का लोकार्पण किया। इसी के साथ एशिया में अपने ढंग के पहले विकलांग विवि का प्रथम शैक्षिक सत्र शुरू हो गया।
अपने सरकारी आवास पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने मौजूदा व पिछली बसपा सरकारों द्वारा विकलांगों के हित में लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि विकलांग विवि की स्थापना से विकलांगों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। विकलांगों के लिए विशेष शिक्षा पद्धति का विकास भी होगा। 175 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत इस विवि में 50 फीसदी सीटें विकलांगों के लिए आरक्षित हैं। विकलांग विद्यार्थियों के लिए खासतौर पर विशेष शिक्षा संकाय की स्थापना की गई है। नवनिर्मित लखनऊ जिला कारागार, आदर्श कारागार एवं नारी बन्दी निकेतन का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी मौजूदा जेलें जर्जर व असुरक्षित हो चुकी थीं, लिहाजा कैदियों को मानवीय गरिमा के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं से लैस परिसर में रखा जाना जरूरी था। नई जेल में उच्चीकृत सुरक्षा एवं अन्य इन्तजाम के साथ-साथ अधिक क्षमता के भवनों का निर्माण कराया गया। वहां बन्दी सुधार व कल्याण की विभिन्न सुविधाएं मुहैया करायी गई हैं। नये आदर्श कारागार में 600, नारी बंदी निकेतन में 420 तथा जिला कारागार में 3640 कैदी रखे जाने की क्षमता है।

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राहुल गाँधी का राज, विदर्भ में सात किसानों ने की आत्महत्या

नागपुर।,महाराष्ट्र, 05 Sep, 2009

नागपुर। एक गैर सरकारी संगठन [एनजीओ] ने शनिवार को दावा किया कि विदर्भ के विभिन्न इलाकों में पिछले दो दिन के दौरान सात किसानों ने आत्महत्या की।
विदर्भ जनांदोलन समिति के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने कहा कि मृतकों की पहचान नामदेव कोहडाडे वाघमारे [यवतमाल], रमेश सोनटक्के, चिक्खाली [यवतमाल], कविश्वर देवताले, तिरज़ादा [यवतमाल], नारायण निभारकर, आसेगांव [अमरावती], रमेश दुधारमई, मरारतोला [गोंदिया], गणपत जाधव, डालंभी [अकोला], अरुण धांडे, तालेगांव [अमरावती] के रूप में की गई है।

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सूखाग्रस्त जिलों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 02 Sep, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने सूखाग्रस्त जिलों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली की आपूर्ति किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने के साथ ही बिजली चोरी पर अंकुश लगाने तथा स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपभोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी हिदायत दी।
मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि किसानों को विद्युत उपलब्ध कराने के लिए पावर कारपोरेशन युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों को 10 घंटे लगातार बिजली मिल सके, इसके लिए व्यापक कदम उठाये गये है। अब तक लगभग एक हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति गांवों में दी जा चुकी है, जो 30 सितम्बर तक दो हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सूखे से निपटने के लिए जून में रोजाना औसत 17.38 करोड़ यूनिट, जुलाई में 17.17 करोड़ यूनिट तथा अगस्त में 17.08 करोड़ यूनिट वास्तविक आपूर्ति सुनिश्चित की गयी।
बैठक में बताया गया कि पावर कारपोरेशन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए 24 घंटे नि:शुल्क किसान हेल्प लाइन 1800-180-8752 चालू की गई है। इस हेल्पलाइन पर किसान अपने क्षेत्र के ट्रांसफार्मर जलने, कम विद्युत आपूर्ति एवं 11 केवीए लाइन में बाधा से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते है।

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उत्तर प्रदेश में होगी पांच हजार चिकित्सकों की भर्ती

लखनऊ।, 02 Sep, 2009

उत्तर प्रदेश सरकार चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से पांच हजार नये चिकित्सकों की शीघ्र भर्ती करेगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अनन्तकुमार मिश्र ने कल चिकित्सा अधिकारियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि नये चिकित्सकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनकी पहली तैनाती यथासम्भव उनके गृह जनपद अथवा मंडल में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती की अपेक्षाओं एवं प्राथमिकताओं के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देते हुए गरीबों तक पहुंचाने के लिए, उनके दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। मिश्र ने नये चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे गरीबों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरतें। उन्होंने कहा कि नए चिकित्सा अधिकारियों को उनके कार्य क्षेत्र में कार्य करने में किसी प्रकार की कोई भी कठिनाई होती है तो वह उनसे सीधे सम्पर्क करें। उन्होंने चेतावनी भी दी कि गरीबों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मुहैया कराने में किसी प्रकार की कोताही बरतने पर राज्य सरकार संबंधित चिकित्सक की जवाबदेही तय करते हुए उसे दंडित करने से नहीं हिचकेगी। स्वास्थ्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं मंशा के अनुरुप, विभाग ने पहली बार नव नियुक्त चिकित्साधिकारियों के पारिवारिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए उन्हें यथासंभव उनके गृह जनपद के मण्डल अथवा समीपस्थ जिले में पदस्थ किया है ताकि चिकित्सक तनावमुक्त होकर कार्य कर सकें।
मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए इसके विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चिकित्सकों के लिए केंद्र सरकार के चिकित्सकों के समकक्ष वेतनमान तथा एनपीए भी स्वीकृत किया है।

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पुलिस अधिकारी नतीजे दें नहीं तो सजा भुगतें: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 29 August, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कतई समझौता न करने का निश्चय जताते हुए शीर्ष पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे नतीजे देने में नाकाम रहने पर कठोर सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक एजेन्सियों को निर्देश दिया कि भ्रष्ट व रिश्र्वतखोर अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार करें। मुख्यमंत्री ने शनिवार को योजना भवन में पुलिस की शीर्ष इकाइयों के कामकाज की समीक्षा के दौरान घोषणा की कि इन इकाइयों व इनमें तैनात अधिकारियों के कामकाज की अब हर महीने समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएसी, एटीएस, एसटीएफ, अभियोजन, अभिसूचना व अग्निशमन इकाइयों में तैनात अधिकारी भी कानून व्यवस्था के प्रति जवाबदेह हैं। इन इकाइयों में शीर्ष पदों पर तैनात अधिकारियों को कानून व्यवस्था संभालने में अपना अनुभव इस्तेमाल करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एटीएस व एसटीएफ को छोड़कर बाकी इकाइयों के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक इकाई के मुखिया को अब हर महीने अपने विभाग की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता में आयी है, लिहाजा इस मुद्दे पर किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की परफारमेंस ठीक नहीं है, वे अविलम्ब सुधार करें, अन्यथा उन्हें दंडित किया जाएगा। बैठक में कैबिनेट सचिव, अपर कैबिनेट सचिव, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तथा पुलिस इकाइयों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।

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बहाने नहीं, अब देखा जाएगा सिर्फ काम

लखनऊ।, 29 August, 2009

पहली सितम्बर से लागू होने जा रही नयी समीक्षा प्रणाली के जो प्रारूप तैयार किये गये हैं, उसमें खराब कार्य की वजहें गिनाने का कोई कालम नहीं है। वास्तव में नयी व्यवस्था का यही मूलमंत्र है। सरकार अब सिर्फ काम देखना चाहती है, बहाने कतई नहीं। प्रारूप कुछ इस तरह विकसित किये गए हैं कि ऊपर बैठे अधिकारी को अपनी कुर्सी बचानी है तो उसे अपने मातहतों से काम लेना ही होगा। पूरी समीक्षा प्रक्रिया में मंडलायुक्त को एक महत्वपूर्ण इकाई के तौर पर जवाबदेह बनाया गया है। विभागवार व प्रशासनिक इकाईवार विकसित समीक्षा प्रारूप सम्बन्धित विभागों व कार्यालयों को भेज दिये गए हैं, जिन्हें देखकर अधिकारियों को पसीना छूट रहा है। दरअसल, प्रारूप ऐसा है कि इनमें हर योजना और हर अधिकारी की परफारमेन्स आइने की तरह नजर आएगी। इस प्रक्रिया से सम्बन्धित मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि प्रदेश में न योजनाओं की कमी है, न अधिकारियों कर्मचारियों की, और न ही धन की।
इसके बावजूद योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच रहा तो जाहिर तौर पर रास्ते में कहीं न कहीं कमजोर कडि़यां हैं। इस अधिकारी का दावा है कि नयी समीक्षा प्रणाली कुछ ही महीनों में ऐसी सारी कडि़यों को चिन्हित कर देगी। कहने की बात नहीं कि इसके बाद इन पर गाज गिरेगी। कार्यक्रम, जिन पर खास नजर रहेगी : डा.अम्बेडकर ग्राम विकास योजना, 2008-09 में चयनित अम्बेडकर ग्राम सभाओं का विकास, नक्सल प्रभावित गांव, कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना, ग्रामीण आवास निर्माण, ग्रामीण व नगरीय पेयजल व्यवस्था, नगर क्षेत्रों में सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रोजगार सृजन, नरेगा, ट्रान्सफार्मर का प्रतिस्थापन, बिजली चोरी, ग्रामीण विद्युतीकरण, डाक्टरों की उपस्थिति, नवजात बच्चों का पंजीकरण, टीकाकरण, विद्यालयों का भवन निर्माण, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बीपीएल कार्डधारकों का सत्यापन, राजकीय नलकूप, नहरों में टेल तक पानी, पट्टेदारों को कब्जा, कृषि एवं आवासीय भूमि का आवंटन, थाना दिवस, स्मल एरिया मालिकाना हक योजना, सावित्रीबाई फुले बरलिका मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मुख्यमंत्री की घोषणाएं, वृक्षारोपण।
नीचे से ऊपर तक होगी समीक्षा : हर महीने की पहली तारीख को एसडीएम, चार तारीख को डीएम, छह तारीख को मंडलायुक्त तथा दस तारीख को मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव व अपर कैबिनेट सचिव समीक्षा करने के बाद ग्यारह तारीख को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट देंगे। उधर, विभागीय कार्यो की समीक्षा पन्द्रह व सोलह तारीखों को मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव व अपर कैबिनेट सचिव द्वारा की जाएगी। इसकी रिपोर्ट 18 तारीख को मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। सभी मंत्री अपने विभागीय प्रमुख सचिवों, सचिवों व मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ सात तारीख को समीक्षा करेंगे, जिसकी रिपोर्ट आठ तारीख को मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंपी जाएगी। इसके अलावा सभी विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव हर महीने दो बार मौके पर जाकर विकास कार्यो का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

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ग्यारह हजार हेक्टेयर में नये उद्यान बनाये गये

लखनऊ।, 29 August, 2009

प्रदेश में औद्यानिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्यारह हजार 657 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उद्यान बनाकर उनमें फलदार पौधों का रोपण किया गया है। फलों और सब्जियों में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 9607 हेक्टेयर में खेतों पर पहुंचकर जैविक खेती के अंगीकरण के कार्यक्रम कराये गये। साथ ही सतत जैविक खेती को पोषित करने के लिए 2066 वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना करायी गयी। उक्त जानकारी देते हुए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक हरि शंकर पांडे ने बताया कि इस साल 3025 हेक्टेयर में आम, 2876 हेक्टेयर में अमरूद, 1400 हेक्टेयर में आंवला, 1080 हेक्टेयर में लीची, 448 हेक्टेयर में बेर, बेल व नींबू वर्ग के फल तथा 2828 हेक्टेयर में केला के उद्यान का रोपण कराया गया।

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केन्द्र हर मोर्चे पर विफल: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 29 August, 2009

बसपा प्रमुख मायावती ने यहां कहा है कि केन्द्र सरकार अपने सौ दिन के कार्यकाल में हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुई है। उन्होंने केन्द्र सरकार के प्रदर्शन को बेहद निराशाजनक बताते हुए यह आरोप भी लगाया कि केन्द्र सरकार ने अपने सौ दिन के कार्यकाल में गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया। जिससे यह साबित हो गया है कि देश के गरीब एवं मजदूरों के हितों से कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का कोई लेना देना नहीं है। यहां पार्टी की राज्य इकाई द्वारा बसपा प्रमुख के जारी किये गये बयान में ये दावा किया गया है। मायावती ने इसमें कहा है कि केन्द्र सरकार ने 100 दिनों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने की बात कही थी पर अभी तक कुछ भी नहीं किया है। आसमान छूती जा रही महंगाई को उन्होंने केन्द्र सरकार की गलत नीतियों का परिणाम बताया है और कहा है कि देश की जनता महंगाई से त्रस्त है पर केन्द्र की सरकार में ऊंचे ओहदों पर बैठे लोग कोई कदम नहीं उठा रहे है। सूखे की मार से त्रस्त किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए भी कुछ नहीं किया जा रहा। देश के हितों की कूटनीतिक मंचों पर अनदेखी किये जाने का आरोप भी उन्होंने केन्द्र की सरकार पर लगाया है। मायावती का कहना है कि प्रधानमंत्री से उन्होंने सूखे से त्रस्त किसानों को डीजल पर मिलने वाली छूट का वित्तीय भार केन्द्र सरकार द्वारा वहन करने व सूखे से निपटने के लिए प्रदेश को 7789 करोड़ रुपये का पैकेज दिलाने का आग्रह किया था लेकिन केन्द्र सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके देखते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी के साथ का नारा देने वाली कांग्रेस पार्टी का हाथ सिर्फ पूंजीपतियों के साथ है।

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मायावती जी को तीसरी बार बसपा की कमान

लखनऊ।, 28 August, 2009

बसपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में मायावती को सर्वसम्मति से लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। उन्होंने विभिन्न राज्यों में महंगाई के खिलाफ आंदोलन चलाने की घोषणा करते हुए पार्टी सदस्यता शुल्क की राशि बढ़ाकर 40 रुपये करने, हर वर्ष 1 जनवरी से 31 मार्च तक विशेष सदस्यता अभियान चलाने, अपने जन्मदिन पर लिया जाने वाला चंदे अगले वर्ष से समाप्त करने का एलान किया।
अपने आवास पर आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं अधिवेशन की अध्यक्षता खुद करते हुए मायावती ने कहा कि 18 सितंबर 2003 को उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी ने कई अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की, जिसमें उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना भी शामिल है। ऐसी ही सफलता अब महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में मिल सकती है, इसलिए दोनों राज्यों के पार्टी नेता इन चुनाव में जी-जान से जुट जाएं। मायावती ने प्रदेश के पार्टी कोऑर्डिनेटरों को अपने काम में सुधार लाने को कहा। प्रदेश में गत दिनों हुए उप चुनावों में तीन सीटों पर मिली जीत के लिए उन्होंने नेताओं की सराहना की। मोरना सीट पर बसपा की हार पर उन्होंने कहा कि उस सीट पर तीन-तीन मुस्लिम प्रत्याशी खड़े होने से वोटों का बंटवारा हुआ। ऐसा न हुआ होता तो बसपा यह चौथी सीट भी जीत लेती। उन्होंने बसपा की सफलताओं के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' की नीति पूरे देश में जागृत करने की आवश्यकता जतायी।

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उपचुनाव नतीजे सरकार की नीतियों पर मुहर : मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 22 August, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि मलिहाबाद, मुरादाबाद पश्चिम व बिधूना विधानसभा सीटों के उपचुनाव में बसपा उम्मीदवारों की जीत ने प्रदेश सरकार की 'सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय' नीति में जनता का भरोसा साबित कर दिया है। इन नतीजों ने लोकसभा चुनाव के बाद किये जा रहे दुष्प्रचार की भी हवा निकाल दी है।
यहां जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी कैडर के सामने लोकसभा चुनाव की सच्चाई रखी थी कि किस तरह कांग्रेस, सपा और भाजपा ने मिलकर एक दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए अंदरूनी समझौता करके चुनाव लड़ा। इससे बसपा का वोट प्रतिशत सपा, कांग्रेस और बीजेपी की तुलना में ज्यादा होने के बावजूद उसे उम्मीद से कम सीटे मिली थीं। लोकसभा चुनाव में करीब 50 सीटों पर बसपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोरना सीट पर बसपा को सफलता न मिल पाने का कारण यह है कि वहां कांग्रेस, सपा और बसपा, तीनों ने ही मुस्लिम प्रत्याशी खड़े किये थे, जिसका लाभ रालोद को मिल गया।

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अब बड़े अफसरों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 22 August, 2009

मुख्यमंत्री मायावती जी ने चेतावनी दी है कि कामकाज में शिथिलता के लिए अब बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा बार-बार सचेत किये जाने के बावजूद कुछ विभागों के अधिकारी सुधर नहीं रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को योजना भवन में विभागीय प्रमुख सचिवों व सचिवों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनता से सीधे जुड़े विभागों में खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जायेगी। यदि जिला स्तर के अधिकारियों के कार्य में शिथिलता मिली तो संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव व सचिव की जवाबदेही तय की जायेगी। उनकी सरकार सदियों से उपेक्षित वर्गो को उनका हक दिलाने के लिए संवेदनशील है। गरीबों को विकास योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अधिकारियों की कार्यशैली पर पैनी निगाह रखती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा की गयी समीक्षा में कई विभागों का कामकाज असंतोषजनक पाया गया। उन्होंने खासतौर पर समाज कल्याण, शिक्षा और ग्राम्य विकास विभागों का जिक्र करते हुए कहा कि पात्र वर्गो को योजनाओं का भरपूर लाभ पहुंचाया जाये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अधिकारी सांसदों व विधायकों की बात सुनें और उन्हें समुचित सम्मान दें। समीक्षा में जो कमियां सामने आयीं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए, अन्यथा सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। बैठक में कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह, अपर कैबिनेट सचिव विजय शंकर पाण्डे, मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव व सचिव भी मौजूद थे।

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प्रदेश में लहराया नीला परचम

लखनऊ।, 22 August, 2009

विधानसभा की चार सीटों के उपचुनाव में बसपा तीन सीटें जीतने में कामयाब रही है। उसे लखनऊ की मलिहाबाद, औरैया की बिधूना और मुरादाबाद पश्चिम सीट पर जीत मिली है। मुजफ्फरनगर की मोरना सीट पर राष्ट्रीय लोकदल की उम्मीदवार मिथिलेश पाल जीतीं। सपा के लिए झटके की बात यह है कि उसे न केवल सभी चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है बल्कि तीन सीटों पर मुख्य मुकाबले में भी नहीं रही। मुरादाबाद में वह चौथे, मोरना और मलिहाबाद में वह तीसरे नंबर पर रही है। सिर्फ बिधूना में ही वह दूसरे नंबर पर रहने में कामयाब रही है।
उपचुनाव में भाजपा की हालत और भी पतली रही। मोरना में वह रालोद का समर्थन कर रही थी लेकिन बाकी तीन सीटों पर उसे हार का तो सामना करना ही पड़ा, दो सीटों पर उसके प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गयी। मलिहाबाद में तो उसके प्रत्याशी को सिर्फ 2757 और बिधूना में 6831 वोट ही मिले। विधानसभा के आम चुनाव में मलिहाबाद और बिधूना में सपा, मुरादाबाद पश्चिम में भाजपा और मोरना में रालोद जीती थी। बाद में यहां से जीते विधायक बसपा से जुड़ गये, जिसके कारण उन्हें विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। कुल मिलाकर उपचुनाव में बसपा को तीन सीटों का फायदा हुआ जबकि सपा को अपनी दो सीटें गंवानी पड़ीं। भाजपा भी अपनी सीट नहीं बचा पायी, सिर्फ रालोद ही मोरना की सीट बचाने में कामयाब रहा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार लखनऊ की मलिहाबाद सीट पर बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार सिद्धार्थ शंकर ने 26444 मतों से राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कौशल किशोर को पराजित किया। सिद्धार्थ शंकर को 62617 और कौशल किशोर को 36173 वोट मिले। सपा की रीना चौधरी 27485 और कांग्रेस के सत्य नारायण को 22182 मत प्राप्त हुए। मुरादाबाद पश्चिम में बहुजन समाज पार्टी के बलराम सिंह ने कांग्रेस के सौलत अली को 17710 मतों से पराजित किया। बलराम को 56486, कांग्रेस के सौलत अली को 38776,भाजपा के भूपेंद्र को25359 मत मिले। बिधूना में बसपा के महेश चंद्र ने सपा की गीता उर्फ चंद्रप्रभा को 27284 मतों से पराजित किया। महेश चंद्र को 73494 और गीता को 46210 मत मिले। कांग्रेस के लाल संजय सिंह को 15404 मत प्राप्त करने में कामयाब रहे। मोरना में राष्ट्रीय लोकदल की मिथिलेश पाल ने 54161 मत प्राप्त करते हुए बसपा के नूर सलीम राना को 4584 वोटों से हराया। सपा के जमील को 19874 और कांग्रेस के शबी हैदर को 5340 वोट मिले।

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2014 तक खत्म हो जाएगी बिजली की किल्लत : मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ।, 16 August, 2009

स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन प्रांगण में ध्वजारोहण व शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले अपर महानिदेशक अभिसूचना मलकियत सिंह के अलावा दस्यु घनश्याम केवट के साथ मुठभेड़ में शहीद 42 वीं वाहिनी पीएसी इलाहाबाद के दलनायक बेनी माधव सिंह व चित्रकूट के आरक्षी शमीम अली को 'मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक' से सम्मानित किया। प्रदेश में बिजली की समस्या के स्थाई निदान के सम्बंध में उन्होंने कहा प्रदेश को 'पावर सरप्लस स्टेट' बनाने के सम्बंध में की गयी पहल के तहत 2014 तक प्रदेश बिजली की कटौती की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इन पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यो की सराहना करते हुए कहा, इससे दूसरे बहादुर पुलिसकर्मी प्रेरित होंगे और इस परम्परा को पूरी लगन के साथ आगे बढ़ायेंगे। पदक माधव सिंह की पत्‍‌नी श्रीमती श्याम सुंदरी देवी तथा शमीम अली की पत्‍‌नी श्रीमती फरमाना ने प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बलबूते प्रदेश में बिजली की समस्या के स्थाई समाधान के लिए युद्धस्तर पर अनेक कदम उठाये हैं जिनके नतीजे आगामी वर्षो में मिलने लगेंगे। उन्होंने आज फिर दोहराया कि बुंदेलखंड और पूर्वाचल का पिछड़ापन दूर कर इन क्षेत्रों का तेजी से सम्पूर्ण विकास करने के लिए केंद्र सरकार से 80 हजार करोड़ के विशेष क्षेत्र प्रोत्साहन पैकेज की मांग राज्य सरकार ने की है। लेकिन यह राशि अभी तक उपलब्ध नहीं करायी गयी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से कोई सहयोग नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार अपने ही संसाधनों से बुंदेलखंड को सूखे की समस्या से स्थाई रूप से निजात दिलाने के लिए वहां राहत और विकास के कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा सूखा राहत कार्यो के लिए प्रदेश सरकार ने 580 करोड़ की राशि की व्यवस्था की है। बेहद कम बारिश होने के कारण 58 जिले सूखाग्रस्त घोषित किये गये हैं। किसानों, मजदूरों तथा महिलाओं को कोई कठिनाई नहीं होने पाये, इसके लिए अधिकारियों को राहत व विकास कार्य करने के लिए कड़े निर्देश दिये गये हैं। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 88 हजार प्राथमिक शिक्षकों तथा एक लाख आठ हजार सफाईकर्मियों की भर्ती की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश पुलिस में दो लाख चार हजार 21 नये पद सृजित किये गये हैं। इन फैसलों से युवा वर्ग को स्थाई रोजगार के नये अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए किये जाने वाले प्रयासों और निजी इंजीनियरिंग कालेजों में छात्रों के प्रवेश में आरक्षण के प्रावधानों को लागू किये जाने का भी जिक्र किया।
इससे पूर्व मंत्रिमंडलीय सचिव शशांक शेखर सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश का सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूरी लगन व उत्साह से तत्पर है। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र, स्वतंत्रता सेनानी तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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केंद्र सरकार के असहयोग और पक्षपातपूर्ण रवैये को राज्य के विकास में आड़े नहीं आने देगी।

लखनऊ।, 16 August, 2009

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि वह केंद्र सरकार के असहयोग और पक्षपातपूर्ण रवैये को राज्य के विकास में आड़े नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से ही सूबे का विकास करने का पूरा प्रयास करेगी।
मायावती ने कहा कि राज्य के बुंदेलखंड और पूर्वाचल जैसे पिछड़े इलाकों के लिए हमारी सरकार ने केंद्र से 80,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग की थी लेकिन केंद्र ने उन्हें आज तक फूटी कौड़ी भी नहीं दी।
सूखे पर चिंता व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा कि राज्य सरकारी की तरफ से सभी सूखा पीड़ितों की मदद के लिए 580 करोड़ रुपये की सहायता राशि मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि वर्ष 2014 तक राज्य के लोगों को बिजली कटौती से राहत मिल जाएगी।
स्वाधीनता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले तमाम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया और कहा कि आज उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का दिन है।

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गरीबों के इलाज में कोताही की तो खैर नहीं

लखनऊ।, 7 August, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने चेतावनी दी है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में सुविधा न मिलने पर सम्बन्धित अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं के लिए धन की कमी नहीं है।
अपने आवास पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सेवाओं का लाभ घर-घर पहुंचाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 829 ब्लाकों में सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर आयोजित स्वास्थ्य मेलों में 1083240 रोगियों का इलाज किया गया। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि शहर पहुंचने में असमर्थ ग्रामीणों को स्वास्थ्य मेला आयोजित करके जांच, उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं के बजट में 16 फीसदी बढ़ोत्तरी की गई है, जबकि दवाओं के बजट में 14 फीसदी। प्रवक्ता ने बताया कि निजी क्षेत्र के सहयोग से लखनऊ, आगरा, जालौन, बिजनौर, आजमगढ़, अम्बेडकरनगर तथा सहारनपुर में प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में 25 फीसदी बीपीएल रोगियों का मुफ्त इलाज होगा। इनमें 10 फीसदी रोगी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के होंगे, जबकि सरकारी अस्पतालों में अन्त्योदय अन्न योजना में चच्छादित लाल राशन कार्ड धारकों को भी मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा।
इसके अलावा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इन वर्गो के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पिछड़े वर्ग के छात्रों को समय से छात्रवृत्ति वितरित करने का निर्देश देते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी छात्र को फीस के अभाव में स्कूल नहीं छोड़ने देगी। बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति की पहली किश्त सभी जिलों को भेज दी गई है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष पिछड़े वर्ग के गरीब छात्रों के लिए 716.52 लाख रुपये की लागत से चौदह छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है। प्रत्येक छात्रावास में 50 छात्रों को आवासीय सुविधा मुहैया करायी जाएगी। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है, जिससे इस वर्ग के अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।

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बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के खिलाफ प्रस्ताव पारित

लखनऊ।, 4 August, 2009

राज्य सरकार ने प्रस्तावित बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के खिलाफ सोमवार को विधानसभा में बाकायदा प्रस्ताव पारित करा लिया। सिर्फ कांग्रेस ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए विकास प्राधिकरण के गठन को जायज ठहराया, यद्यपि बाद में सपा व भाजपा ने भी सदन में यह प्रस्ताव लाने के औचित्य पर सवाल उठाया।
बसपा विधायकों ओ.पी.सिंह, बृजेश सौरभ और रामसागर अकेला ने नियम 103 के तहत जिस वक्त यह प्रस्ताव विधानसभा में प्रस्तुत किया, सूखा पर चर्चा को लेकर सदन पूरी तरह अव्यवस्थित था। पूरे प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग लेकर भाजपा सदन से बहिर्गमन कर चुकी थी, जबकि सपा व रालोद विधायक वेल में नारेबाजी कर रहे थे। कांग्रेस विधायक भी खड़े होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच कार्य स्थगन नोटिस के तुरन्त बाद विधायक ओ.पी.सिंह ने यह प्रस्ताव सदन में रखा, जिसमें कहा गया कि 'बुंदेलखंड क्षेत्र में व्याप्त गंभीर समस्याओं तथा विकास की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए 2008 में गठित उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के होते हुए केंद्र सरकार द्वारा पृथक बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण बनाने तथा उसका नियंत्रण सीधे केन्द्र सरकार के अधीन रखने के कृत्य से राज्य सरकार के संवैधानिक अधिकारों पर हुए अतिक्रमण से सदन असहमत है।'

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रीता जोशी प्रकरण की सीबीआई जांच नहीं

लखनऊ।, 4 August, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के घर पर हुई तोड़फोड़ और आगजनी की जांच सीबीआई से कराने की मांग को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार मामले की सीबीसीआईडी से जांच करा रही है। इस घटना में दोषी पाये गये व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। एक विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस के शासनकाल में वर्ष 1987 में घटित मेरठ के हाशिमपुरा-मलियाना काण्ड तथा सपा द्वारा 2 जून 1995 को अंजाम दिये गए लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड की जांच सीबीसीआईडी ने की थी, जिस पर विपक्षी नेताओं ने कभी एतराज नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र को दबाने तथा विपक्ष की आवाज को बंद करने का आरोप पूरी तरह से मनगढ़न्त और राजनीति पे्ररित है। कांग्रेस ने 1975 में आपातकाल लागू करके जिस प्रकार लोकतंत्र की हत्या की, विपक्ष तथा प्रेस की आवाज को बंद किया तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया था, उस काले अध्याय को आज भी जनता नहीं भूली है। सीबीआई जांच की पैरवी करने वालों को यह अज्छी तरह मालूम है कि राज्य सरकार ने खाद्यान्न घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, अनपरा-उन्नाव 800 केवी पारेषण लाइन के टावरों की पेंटिंग में हुए कथित 50 अरब रुपये के घोटाले, मुरादाबाद का किडनी प्रकरण, विधानसभा चुनाव के समय घटित भाजपा के सीडी कांड, शशि अपहरण कांड, इलाहाबाद मदरसा मामला, राज पाल हत्याकांड, महाराजगंज में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भूमि अध्याप्ति कार्यालय में फर्जी नियुक्तियों का प्रकरण, तीसरी आजादी सीडी प्रकरण सहित कुल 24 मामलों की सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति कर रखी है। इनमें से 15 मामलों में केन्द्र सरकार तथा सीबीआई द्वारा कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गयी है।

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