National News

    हिन्दी समाचार

    Blog

      Manyawar Shir Kanshi Ram Ji
      Power of Uttar Pradesh
      Power of Uttar Pradesh

      हिन्दी समाचार :

      Go Back to Current news

      Current news


      जयप्रकाश ने बसपा से राज्यसभा के लिए पर्चा भरा

      लखनऊ।, 31 July, 2009

      बलिहारी बाबू के इस्तीफे से रिक्त राज्यसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए बसपा ने पूर्व सांसद जयप्रकाश को टिकट दिया है। जयप्रकाश ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र रिटर्निग आफीसर व प्रमुख सचिव विधान सभा प्रदीप दुबे के समक्ष दाखिल कर दिया।
      दो सेटों में दाखिल नामांकन पत्र का प्रस्ताव संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा व बसपा विधायकों बृजेश सौरभ, संजय कुमार त्रिपाठी, राम शिरोमणि शुक्ल, रंगनाथ मिश्र, पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, दिनेश प्रसाद, राकेश कुमार गोस्वामी, बृजसिंह उर्फ बृजकुवंरि तथा शारदा प्रसाद ने किया। नामांकन पत्र भरने का आज अंतिम दिन था। बसपा के अलावा अन्य किसी दल ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, इसलिए उनका चुना जाना तय है। कल नामांकन पत्र की जांच होगी और सोमवार तक नाम वापस लिया जा सकेगा। उसी दिन परिणाम की घोषणा की जाएगी।
      पौने दो करोड़ रुपये के मालिक
      लोकसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर बसपा में शामिल होने वाले जयप्रकाश और उनके परिवार के पास करीब 1.75 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है। इसमें नकद 15 हजार, बांड व डिवेंचर 8.13 लाख, बचत पत्रादि 6.90 लाख, वाहन 26.76 लाख, आभूषण 45 हजार, रिवाल्वर, रायफल एवं कारबाइन 50 हजार, गैस एजेंसी 5.80 लाख, कृषि भूमि 3.5 लाख, गैर कृषि भूमि 9.77 लाख तथा आवासीय एवं व्यावसायिक भवन 62 लाख प्रमुख है। पत्‍‌नी ज्योति रावत के पास नगदी 20 हजार, वित्तीय संस्थानों में 6.18 लाख, बांड आदि 1.06 लाख, बचतपत्र 7.90 लाख, बुलेरो 4 लाख, आभूषण 6.18 लाख, गैरकृषि भूमि 9 लाख है। दोनों बच्चों अनुज व आदित्य के नाम भी लाखों की सम्पत्ति है।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      बुंदेलखंड पर राजनीति ठीक नहीं : मुख्यमंत्री मायावती

      लखनऊ।, 30 July, 2009

      मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि बुन्देलखण्ड जैसे पिछड़े क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को गुरुवार को प्रेषित पत्र में उन्होंने बुंदेलखंड के लिए केंद्र सरकार के नियंत्रण में परिषद/प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को केंद्र-राज्य संबंधों तथा संवैधानिक प्राविधानों की बुनियाद पर चोट पहुंचाने वाला बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बुंदेलखंड के लिए विशेष क्षेत्र प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत करने का अनुरोध दोहराया।
      मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा कि मीडिया के हवाले से यह जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार जहां एक ओर बुंदेलखंड के विकास को लेकर प्रदेश सरकार का अनुरोध पूरा करने पर विचार कर रही है।
      वहीं दूसरी ओर इस संबंध में केंद्र सरकार के नियंत्रणाधीन एक अंतरराज्यीय बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण/परिषद के गठन की भी योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विकास की समस्याएं हल करने के लिए उत्तर प्रदेश में सक्षम प्रशासन तंत्र उपलब्ध है। पूर्वोत्तर परिषद से इसकी तुलना किया जाना न तो उचित है और न ही आवश्यक।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में मीडिया में प्रकाशित खबरों से संकेत मिल रहा है कि बुंदेलखंड के लिए गठित होने वाले प्राधिकरण/परिषद का उद्देश्य राज्य सरकार की भूमिका को इस आधार पर सीमित करना है कि इस मिले हुए भौगोलिक क्षेत्र को समग्र विकास की आवश्यकता है।
      मायावती ने कहा कि पहले भी देश के विभिन्न क्षेत्रों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ आदि के लिए विशेष पैकेज स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन ये पैकेज कभी भी केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में नहीं रखे गए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान गत 26 जुलाई को प्रेषित अपने पत्र की ओर आकर्षित किया है, जिसमें उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र की गम्भीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र के लिए विशेष क्षेत्र प्रोत्साहन पैकेज को स्वीकृत करने के साथ-साथ केंद्रीय सेक्टर की परियोजनाओं में प्राथमिकता देने तथा अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया था। उन्होंने सामरा समिति की संस्तुतिया लागू किए जाने तथा बुंदेलखंड क्षेत्र पर केंद्रित 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को रेल कोच फैक्ट्री जैसी परियोजनाओं की स्थापना में इस क्षेत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर तथा केंद्रीय उत्पाद शुल्क में छूट पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बेहतर तरीका है, क्योंकि इसमें स्थानीय अनुश्रवण की आवश्यकता नहीं पड़ती।
      मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री बुंदेलखंड की जनता को न केवल उनका जायज हक दिलवाएंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बुंदेलखंड का विकास संकीर्ण राजनीतिक हितों से पृथक हो तथा संविधान के प्राविधान मंशा के अनुरूप लागू किए जाएं।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      कड़ाई से लागू होगा आरक्षण:

      लखनऊ।, 23 July, 2009

      मुख्यमंत्री मायावती ने उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से सम्बद्ध निजी इंजीनियरिंग कालेजों की सीटों में वर्तमान सत्र में आरक्षण व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में उन्होंने उप्र शैक्षणिक कक्षाओं में प्रवेश (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण अधिनियम) अधिनियम, 2006 के प्राविधानों का अक्षरश: अनुपालन करने को कहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के चलते यूपीटीयू से सम्बद्ध निजी इंजीनियरिंग की सीटों में अनुसूचित जातियों को 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों को 2 प्रतिशत और अन्य पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
      मुख्यमंत्री ने कहा है कि बसपा सरकार सर्वसमाज के हितों का पूरा ख्याल रखती है। सरकार खासतौर पर समाज के दबे-कुचले और गरीब वर्गों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। शासन का कहना है कि आरक्षण के मुद्दे पर विगत 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसने विधिक राय ली थी। विधिक राय के बाद यह पाया गया कि निजी इंजीनियरिंग कालेजों ने सम्बद्धता के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करते समय 28 नवम्बर 2008 को शैक्षणिक सत्र 2009-10 की यूपीटीयू की प्रवेश संबंधी समिति की बैठक में आरक्षण अधिनियम 2006 के तहत आरक्षण की व्यवस्था लागू करने की सहमति दी थी। इसी आधार पर सरकार ने निजी कालेजों में आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया है।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      मुख्यमंत्री आवास में पहुंचने की कोशिश में पकड़ा गया:

      लखनऊ।, 23 July, 2009

      इलाज में आड़े आ रही आर्थिक स्थिति से परेशान देवरिया जिले के एक व्यक्ति को सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की कोशिश में रोक लिया। यह व्यक्ति मुख्यमंत्री आवास जाने वाले मार्ग के पूर्वी गेट से निकलने की कोशिश कर रहा था। देवरिया के डब्लू ए कनौजिया को सुरक्षाकर्मियों ने रोका और उसके बाद पुलिस के साथ उसे बसपा कार्यालय भेज दिया गया। यहां उस विशेष कार्याधिकारी मेवालाल गौतम के पास ले जाया गया जिन्होंने उसे आश्वासन देकर वापस भेज दिया। इस व्यक्ति के पैर के इलाज के लिए पूर्व में ही अस्सी हजार रुपये दिये जा चुके हैं। उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है और उसके इलाज में पांच लाख रुपये का व्यय और आना है। इसी रकम को मांगने के लिए वह मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की कोशिश कर रहा था।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      कांग्रेस की केंद्र सरकार के खिलाफ मनाया शर्म दिवस :

      लखनऊ।, 22 July, 2009

      बुधवार को सभी विधानसभा क्षेत्र मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करके कांग्रेस की नीतियों पर हमला बोला। प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिन्होंने कहा कि आजादी के बाद ज्यादातर समय हुकूमत करने वाली कांग्रेस ही देश की सारी समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। नेताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मायावती के बारे में अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त के बाहर है। विधानसभा मुख्यालयों पर आयोजित सभाओं में बसपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों व किसानोंCongress Sharm Karo की उपेक्षा की, जिसके चलते इन वर्गो के लोगों को रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जनविरोधी ठहराते हुए बसपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहने के लिए गरीबों के वोट खरीदने पर अरबों-खरबों रुपये खर्च करती है, बाद में पेट्रोल-डीजल व अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बेतहाशा बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ देती है।
      वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पूंजीपतियों की हमदर्द है। इसलिए गरीबी व बेरोजगारी दूर करने के बजाय केन्द्र सरकार का ध्यान पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की योजनाएं तैयार करने पर केन्दि्रत रहता है। लखनऊ में आयोजित प्रदर्शन में बसपा नेताओं ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री मायावती के बारे में अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि मंहगाई से जनता का ध्यान बांटने के लिए कांग्रेस हाईकमान के इशारे साजिश के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा.रीता बहुगुणा जोशी ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री मायावती के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, और अपने कार्यकर्ताओं से ही घर में आग लगवाकर मामले को तूल दिया।
      डालीगंज पुल के पास आयोजित कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद डा.अखिलेश दास गुप्ता ने कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं को सचमुच रीता बहुगुणा का घर जलाना होता तो इलाहाबाद में जलाया जाता। राष्ट्रीय महासचिव व लोकनिर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बहिनजी का अपमान किसी भी हालात में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभा को पार्टी नेता जुगुल किशोर के अलावा व्यापारी नेता संदीप बसंल ने भी सम्बोधित किया। इसके अलावा सदर तहसील, मलिहाबाद तहसील, बक्शी का तालाब तहसील परिसर में भी धरना आयोजित किया।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      मायावती की हत्या कराना चाहती है केन्द्र सरकार :

      लखनऊ।, 22 July, 2009

      बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा है कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री मायावती की एनएसजी सुरक्षा वापस लेकर उनकी हत्या कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से एक बार फिर सिद्ध हो गया कि कांग्रेस मायावती को अपनी राह का सबसे बड़ा रोड़ा मानती है।
      श्री मिश्र ने कहा कि कांग्रेस उन लोगों का एनएसजी कवच बनाये रखना चाहती है, जो अल्पसंख्यकों में भय पैदा करते हैं। मुख्यमंत्री मायावती अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों एवं राष्ट्रविरोधी तत्वों के निशाने पर हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के बारे में चुनावों के दौरान केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसियों ने विशेष सावधानी बरतने की हिदायत भी जारी की थी। गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का अनुरोध किया था।
      श्री मिश्र ने कहा मुख्यमंत्री अन्य प्रान्तों में भी जाती रहती हैं। एनएसजी सुरक्षा हटाने से उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि मायावती की सुरक्षा में कटौती का फैसला केन्द्र सरकार ने राजनीतिक नजरिये से लिया है, जबकि बसपा सरकार कानून व्यवस्था के मामले में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कानून के अनुसार ही कार्रवाई करती हैं। श्री मिश्र ने कहा कि बसपा के बढ़ते जनाधार से कांग्रेस बौखला गयी है। इसीलिए साजिश करके मायावती की एनएसजी सुरक्षा हटायी जा रही है ताकि उनकी हत्या कराने की परिस्थितियां पैदा करके कांग्रेस अपने रास्ते का कांटा हटा सके। बसपा महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने मौजूदा कार्यकाल में ही नहीं, बल्कि पिछले तीन कार्यकालों में भी अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करती रही हैं। इस वजह से अपराधियों के गिरोह भी मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं। मुख्यमंत्री के लिए खतरा देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र से उन्हें 'एएसएल प्रोटेक्टी' का दर्जा प्रदान देने का अनुरोध किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें यह दर्जा प्रदान भी कर दिया था।

      मुख्यमंत्री मायावती ने अमेठी की घटना को गंभीरता से लिया :

      लखनऊ।, 15 July, 2009

      कांग्रेस पार्टी की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार की शाम अमेठी में बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को "उपद्रव" करार देते हुए सारे प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिये हैं ।
      स्थिति से निपटने में कोताही के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक का तबादला एवं संबंधित थानाध्याक्ष को लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री मायावती ने अमेठी की घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए भले ही वे किसी भी राजनीतिक दल से जुडे हों अथवा सरकारी कर्मचारी हों।
      एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी अमेठी में बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी नेताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की है वहीं मायावती ने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था बिगाडने वालो से निपटना उनकी सरकार को अच्छी तरह आता है।
      मायावती ने प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट को पूर्ववर्ती केन्द्र व राज्य सरकार की देन बताते हुए कांग्रेस पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास के मामले में प्रदेश के जिलो में भेदभाव नही करती है।
      उल्लेखनीय है कि सोमवार को कॉंग्रेस ने प्रदेश मे अराजकता का माहौल पैदा करने के लिया अमेठी मे उपद्रव किया | जब की कॉंग्रेस को कोई हक नही बनता है की विजली जैसी समस्या पर हाय तौबा मचाए | क्योकि कॉंग्रेस शासित प्रदेश चाहे फिर देश की राज धानी देल्ही हो या महारास्ट्र हो, राजस्थान हो सब जगह बहुत ही बुरा हाल है|

      किसी भी वर्ग की महिलाओं व दलितों पर जुल्म हुआ तो डीआईजी, एसएसपी जिम्मेदार :

      लखनऊ।, 10 July, 2009

      मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को शासन व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में एलान किया कि दलितों पर सदियों से जारी जुल्म-ज्यादती रोकने के लिए प्रदेश सरकार पूरी सख्ती करेगी। इसके लिए तीन शासनादेश जारी किये गये हैं, जिनमें दलितों के अलावा सभी वर्गो की महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा सांप्रदायिक व जातीय तनाव पैदा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के प्रावधान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में जिले के प्रभारी डीआईजी, एसएसपी या एसपी तुरंत मौके पर जाकर पीड़ित को न्याय दिलायेंगे, तथा घटना की रिपोर्ट उसी दिन शासन व डीजीपी को भेजेंगे। ऐसी घटनाओं को यदि अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया तो इसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर भेजे जायेंगे।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों, खासकर सांप्रदायिक व जातीय तनाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया गया है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करवाने के लिए प्रभारी डीआईजी, एसएसपी व एसपी के अलावा संबंधित आईजी व डीआईजी भी जवाबदेह होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक महिला के मुख्यमंत्रित्व वाले शासन में किसी भी वर्ग की महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे मामलों में अधिकारी उसी तरह कार्यवाही करेंगे, जैसे दलितों पर जुल्म के मामलों में। मुख्यमंत्री ने मेरठ में अपहृत बच्चे की हत्या के प्रकरण में अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए घोषणा की कि जरूरत महसूस हुई तो इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी जा सकती है।

      Reference:http://in.jagran.yahoo.com

      बजट दिशाहीन, जनविरोधी सिर्फ पूंजीपतियों व धन्नासेठों का हिमायती :

      लखनऊ।, 06 July, 2009

      मुख्यमंत्री मायावती ने यूपीए सरकार के बजट को दिशाहीन व जनविरोधी बताते हुए कहा है कि यह बजट सिर्फ पूंजीपतियों व धन्नासेठों का हिमायती है। इसमें आंकड़ेबाजी से देश को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
      मुख्यमंत्री ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार में भोली-भाली गरीब जनता से लोक लुभावन वायदे करके सत्ता पर काबिज होने वाली कांग्रेस ने पहले बजट में ही दिखा दिया कि यूपीए सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों व धन्नासेठों से मिली हुई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं के साथ किसानों, मजदूरों, अल्प वेतन भोगियों, छोटे व्यापारियों व समाज के बाकी वर्गो के हितों की अनदेखी कर दी गई है। बजट पेश होते ही शेयर बाजार में गिरावट से स्पष्ट है कि उद्योग, व्यापार व वाणिज्य जगत ने भी बजट को नकार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा सरकार की देखा-देखी केन्द्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना शुरू करने की बात कही है लेकिन पूरे देश में इसके लिए सिर्फ सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है तथा केवल एक हजार गांव चुने गए हैं।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाधिक गरीब व कमजोर वर्गो के विकास पर बहुत कम धनराशि खर्च करने का प्राविधान इन वर्गो के साथ मजाक है। बजट में एससी-एसटी की बस्तियों में विद्युतीकरण करने की कोई ठोस योजना प्रस्तावित नहीं की गई है। इसी प्रकार बीपीएल सूची में शामिल होने से वंचित गरीबों को इस सूची में शामिल करने का कोई कार्यक्रम नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन की कोई सोच नहीं है। इसके साथ ही आम आदमी को आर्थिक मन्दी से बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया गय है, बल्कि कारपोरेट क्षेत्र के लिए काफी राहतें दी गई हैं।

      मनी, मीडिया, माफिया और न्यायपालिका का इस्तेमाल बसपा के खिलाफ किया जा रहा है :

      लखनऊ।, 04 July, 2009

      मायावती ने करीब सवा तीन घंटे तक संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के विचारों को रखा, जिसमें उन्होंने बताया था कि बसपा को रोकने के लिए ही कांग्रेस, भाजपा तथा उनके सहयोगी दल मनी, मीडिया, माफिया और न्यायपालिका का इस्तेमाल करेंगी। मायावती ने कहा कि आज इन्हीं हथकंडों का इस्तेमाल बसपा के खिलाफ किया जा रहा है, जिसके चलते पार्टी ने जातिवादी ताकतों के खात्मे के लिए देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया है और पार्टी का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक जातिवाद का देश से खात्मा नहीं हो जाता है।
      अपने संबोधन में उन्होंने बसपा पदाधिकारियों को कांग्रेस, भाजपा और सपा की साजिशों से सावधान रहते हुए उन्हें मुहतोड़ जवाब देने का निर्देश भी दिया और कहा कि सभी लोग खास तौर से दलित समाज अन्य वर्ग को जोड़ने के लिए आगे आकर पहल करें ताकि बसपा सर्वसमाज के निर्माण का रास्ता बना सके।

      मुख्यमंत्री मायावती जी ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कहा कि कांग्रेस न्यायपालिका को मैनेज करके उन्हें जेल भेजने की साजिश कर रही है। यदि उन्हें जेल भेजा गया तो बसपा मूवमेंट को इसका लाभ मिलेगा और पार्टी देशभर में खड़ी हो जायेगी, ठीक उसी तरह से जैसे इन्दिरा गांधी को जेल भेजने पर कांग्रेस को मजबूती मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जेल जाने से केंद्र की सत्ता पर बसपा के काबिज होने का रास्ता भी साफ होगा।

      मुख्यमंत्री मायावती जी ने यह भी कहा कि सतीश चन्द्र मिश्रा ने कभी भी अपने लोगों को लालबत्ती दिलाने की सिफारिश नहीं की। उनके जिन जानने वालों को लालबत्ती दी गयी, वह सभी पार्टी से जुड़े थे। सूत्रों के अनुसार बैठक में मायावती ने यह भी खुलासा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद बसपा को केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलता तो सतीश चंद्र मिश्रा,नसीमुद्दीन सिददीकी और स्वामी प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता। ये तीनों लोग तो उनके साथ केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनते और इनके सभी के पास महत्वपूर्ण विभाग होते। उत्तर प्रदेश में वह किसी दलित वर्ग के व्यक्ति को ही मुख्यमंत्री बनातीं और भविष्य में भी यदि कभी केंद्र में बसपा की सरकार बनती है तो दलित वर्ग के व्यक्ति को ही यूपी में मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। सूत्रों का कहना है कि यह व्यक्ति कौन होगा, इसका उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया लेकिन यह जरूर कहा कि उसी दलित व्यक्ति को वह प्रदेश का मुख्यमंत्री बनायेंगी जिसने कभी भी पार्टी नहीं छोड़ी होगी और उसके खिलाफ कभी भी कोई अनुशासनहीनता का मामला नहीं हुआ होगा। अन्य राज्यों के बारे में उन्होंने कहा कि हरियाणा में भजनलाल के परिवार के किसी सदस्य को, उत्तराखंड में किसी ब्राह्मण को, दिल्ली में मुस्लिम या अपर कास्ट के व्यक्ति को, बिहार में पिछड़े वर्ग, मध्य प्रदेश में हिंदू वर्ग से किसी भी बिरादरी तथा राजस्थान में जाट वर्ग के व्यक्ति को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाया जायेगा।

      'अपर कास्ट' को बसपा से जोड़ने का जिम्मा अब खुद मायावती संभालेंगी। शनिवार को लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों की बैठक में बसपा प्रमुख ने कहा कि सतीश मिश्र अब विधिक मामलों के साथ-साथ सरकार एवं संगठन के बीस प्रतिशत काम देखेंगे। मायावती ने साफ किया कि उनके इस निर्णय का अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिये कि सतीश मिश्र का रुतबा कम हुआ है। सतीश मिश्र राज्यसभा के सदस्य बनें रहेंगे और संगठन में भी उनका पद यथावत रहेगा।

      उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी संगठन और जिन 13 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें छह सीटों को जिताने की मुहिम में लगेंगे। ''लोकसभा चुनाव के पहले सतीश मिश्र ने अदालती मामलों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने के लिए उनसे संगठन का कार्य वापस लेने का अनुरोध किया था, यदि उस समय वह उनकी बात मानतीं तो मीडिया इसे गलत तरीके से पेश करता। अब उनके आग्रह को मानते हुए उन्हें पार्टी एवं सरकार के विधिक मामलों पर ध्यान देने को कहा गया है।''

      UP के लिए 1332 करोड़ के प्लान को हरी झंडी : मुख्यमंत्री मायावती

      लखनऊ।, 03 July, 2009

      विश्व बैंक ने उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार के लिए एक हजार तीन सौ बत्तीस करोड़ रुपए की परियोजना को अपनी स्वीकृत दे दी है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मायावती ने दी।
      उन्होंने बताया कि विश्वबैंक ने गत 30 जून को वॉशिंगटन में हुई अपने निदेशक मण्डल की एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के 1.35 लाख हेक्टेयर ऊसर एवं बीहड़ भूमि के सुधार के लिए 1332 करोड़ रुपए की परियोजना की स्वीकृत प्रदान की है।
      इस परियोजना से 93 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त, 30 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 47 प्रतिशत अन्य पिछडे वर्ग के कृषक लाभान्वित होंगे। इसके क्रियान्वित होने से प्रदेश केसी श्रेणी के ऊसर क्षेत्रों में धान व गेहूं की उत्पादकता जो शून्य है। वह बढ़कर लगभग 35 कुन्तल व 30 कुन्तल प्रति हेक्टेयर हो जाएगी।
      उन्होंने बताया कि इस परियोजना से जहां एक ओर प्रदेश के गरीब कृषक लाभान्वित होंगे। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की खाद्यान्न सुरक्षा में भी काफी वृद्धि होगी। परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग महिलाएं तथा भूमिहीन, लघु एवं सीमान्त किसान मुख्य रूप से लाभान्वित होंगे।
      उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा इस परियोजना को 6 सालों में राज्य के 25 ऊसर बाहुल जनपदों में क्रियान्वित किया जाएगा। जिससे लगभग 2.40 लाख कृषकों की 1.35 लाख हेक्टेयर भूमि का सुधार होगा।

      Reference:http://khabar.josh18.com

      UPA का आर्थिक सर्वेक्षण झूठ का पुलिन्दा: मुख्यमंत्री मायावती जी :

      लखनऊ।, 03 July, 2009

      उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आज संसद में पेश किए गए वर्ष 2009-10 के लिए वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण को जमीनी हकीकत से दूर और झूठे आकड़ों का पुलिन्दा बताया और कहा कि इसके माध्यम से देश की गरीब जनता के साथ एक भद्दा मजाक किया गया है।
      मायावती ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र की सत्ता में बैठे लोग गलत बयानी कर रहे हैं। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण में दिये गये सुझावों को बेहद खतरनाक और जन विरोधी बताया और कहा कि इससे देश में गरीबी और बेराजगारी बढ़ेगी। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण में दिये गये सुझाव पूंजीपतियों और धन्नासेठों की पूरी तरह हिमायत करने वाले हैं।
      उन्होंने कहा कि फरवरी 2009 में केन्द्र सरकार द्वारा यह बताया गया था कि देश की आर्थिक विकास दर 07 प्रतिशत होगी जबकि सर्वे में विकास दर 6.01 प्रतिशत रह जाना बताया गया है।
      उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण से यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि देश की अर्थ व्यवस्था के सभी क्षेत्रों के विकास दर में गिरावट आई है। यह गिरावट कांग्रेस पार्टी व नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की गलत नीतियों का ही नतीजा है।
      उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश में बेरोजगारों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और इस बात को आर्थिक सर्वेक्षण में भी स्वीकार किया गया है1 सर्वेक्षण के अनुसार मात्र एक माह में ही एक लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो गए।

      Reference: http://khabar.josh18.com

      रेल बजट में यूपी की उपेक्षा : मुख्यमंत्री मायावती जी :

      लखनऊ।, 03 July, 2009

      मुख्यमंत्री मायावती ने रेल बजट में उत्तर प्रदेश की उपेक्षा किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट में गरीबों व पिछड़े वर्गो को सहूलियत देने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को लेकर केन्द्र सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
      रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश के बारे में अपनी दोहरी नीति बदलनी चाहिए। बजट में गरीबों को किराये में सिर्फ एक रुपये की छूट दी गई है, जबकि उच्च श्रेणी के किराये में दो फीसदी। जिन 375 स्टेशनों को माडल स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है, उनमें उत्तर प्रदेश के बहुत कम स्टेशन हैं।
      अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने की योजना में इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर, फैजाबाद, बरेली और झांसी स्टेशनों को शामिल न किया जाना आश्चर्यजनक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2007 में सत्ता संभालते ही उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर एससी-एसटी की बैकलाग रिक्तियां भरने का आग्रह किया था, लेकिन तत्कालीन यूपीए सरकार ने ध्यान नहीं दिया। अब विशेष अभियान चलाकर ऐसी रिक्तियां भरी जाएं।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल बजट में सत्रह नई रेल लाइनें बिछाने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश से सिर्फ शाहगंज, ऊंचाहार, सुल्तानपुर, अमेठी और सलोन को ही प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश के अन्य अनेक महत्वपूर्ण स्थानों के लिए रेल लाइन बिछाने का कोई प्राविधान नहीं किया गया। यह आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य के साथ घोर नाइंसाफी है।
      उन्होंने कहा कि बजट में आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं, यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशनों पर सफाई, पेयजल सुविधा व अन्य यात्री सुविधाएं बढ़ाने का भी कोई ठोस प्राविधान नहीं किया गया है। इससे रेल यात्रा के दौरान असुरक्षा की भावना से ग्रस्त यात्रियों को घोर निराशा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलमंत्री ने अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री की 'समावेशी विकास की नीति' का उल्लेख जरूर किया, लेकिन बजट प्रस्तावों में इसकी जरा सी भी झलक नहीं मिलती।

      Reference: http://jagran.com

      Bharat Ratna Baba Saheb