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  • सतारा के साहित्य सम्मेलन से बाहर निकाले गए दो दलित लेखक
    महाराष्ट्र के सतारा में दो दलित लेखकों को एक साहित्य सम्मेलन से अपमानित कर सिर्फ इसलिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि इन लेखकों के भाषणों से मराठा समुदाय से जुड़े कुछ संगठन नाराज हो गए थे। घटना, सतारा के पाटन की है जहां महाराष्ट्र साहित्य परिषद की ओर से दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का आयोजन ...
  • गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुस्लिमो को मारना भाजपा को भारी पड़ने लगा| दलित मुस्लिम एक हुये
    यूपी में गोरक्षा के मुद्दे ने दलितों और मुस्लिमों को गोलबंद कर दिया है जिसका फायदा बीएसपी को आने वाले चुनाव में मिल सकता है। यूपी में दलित और मुस्लिम वोटर्स एक नए चुनावी समीकरण के तौर पर उभर रहे हैं। बीजेपी यूपी में अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी बीएसपी के दलित वोट में सेंध लगाने की ...
  • सहारनपुर: यहां पुलिस के डर से जंगलों में रात बिता रहे हैं दलित!
    15 अगस्त के बाद से सहारनपुर के उसंद गांव के दलित समुदाय के लोग पास के जंगल में रात गुजार रहे हैं। गांव की दलित महिलाएं रात भर देखा करती हैं कि कहीं पुलिस की जीप तो नहीं आ रही है। पिछले एक हफ्ते में तीन दलितों की कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती की ...
  • ABP-नीलसन सर्वे : 2017 में बसपा बनाएगी उत्तर प्रदेश में सरकार
    एबीपी न्यूज ने कल आपको यूपी का ओपिनियन पोल दिखाया था जिसमें बीएसपी सरकार बनाने के करीब नजर आ रही थी. सत्ताधारी समाजवादी पार्टी सर्वे में तीसरे नंबर पर थी. आज एबीपी न्यूज के ओपिनियन पोल की गूंज यूपी में सुनाई दी. देखिए सर्वे पर पार्टियां क्या कह रही हैं? आगरा में अखिलेश यादव अपने ...
  • आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश
    बहन मायावती जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की देशद्रोह की धारा में गिरफ्तारी की निंदा की है। बहन मायावती जी ने यहां जारी एक बयान ...
  • ‘ब्लॉक प्रमुख चुनावों में सपा ने खूब की गुंडई, अपहरण भी कराए’: बहन मायावती जी
    बहन मायावती जी ने यूपी में सत्तारूढ़ सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन जी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में ये आरोप लगाए। बहन जी ने इस बैठक में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधान आदि चुनावों की तरह ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा के लोगों ने जमकर ...
  • बीबीएयू में पीएम का विरोध, दूसरे स्टूडेंट्स ने मांगी माफी
    बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी यानी बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में आए पीएम नरेंद्र मोदी का कुछ छात्रों द्वारा विरोध किए जाने को लेकर यूनिवर्सिटी के दूसरे स्टूडेंट्स ने पीएम से माफी मांगी है। माफीनामे पर बड़ी संख्या में छात्रों ने दस्तखत किए और सोमवार शाम इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दिया गया। कैंपस में ...
  • JNU के 9 और स्टूडेंट्स ने लगाए भेदभाव के आरोप
    एक रिसर्च स्टूडेंट द्वारा पत्र लिखकर भेदभाव का आरोप लगाने के बाद मंगलवार को स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज के 9 और स्टूडेंट्स सामने आए और सभी ने कहा कि उन्हें उनकी कास्ट को लेकर जेएनयू में हैरस किया जाता है। ये सभी एससी/एसटी या ओबीसी कैटिगरी से हैं। इन 9 स्टूडेंट्स का आरोप है कि ...
  • वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन
    रिसर्च स्टूडेंट रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद 17 जनवरी को शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहकर पूरे देश में फैलेगा। जेएनयू और डीयू सहित नौ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि अभी कैंपस में हैं और उन्होंने एक नैशनल जेएसी बनाई है ताकि वेमुला की खुदकुशी के मामले में कार्रवाई के लिए ...
  • सपा सरकार मे यहां दलितों पर टूट रहा दबंगों का कहर, पानी पीने नहीं देते, खिलाते हैं मलमूत्र
    झांसी. हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्‍टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड किए जाने का मामला पूरे देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ | हम वो 10 मामले बताने जा रहा है, जो दलितों के साथ होने वाले अत्‍याचार को बयां करते हैं। आगे पढ़िए, कौन से हैं 10 मामले… पहला मामला: 20 जनवरी 2016 बांदा के ...
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कांग्रेस की बयानबाजी दलित विरोधी मानसिकता से ग्रस्त : सतीश मिश्र:

लखनऊ।, 30 June, 2009

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं द्वारा दलित एवं पिछड़े वर्गों में जन्मे संतों, महापुरुषों की स्मृति में स्थापित किये गये स्मारकों एवं पार्कों को लेकर की गयी बयानबाजी को जातिवादी सोच एवं दलित विरोधी मानसिकता से ग्रस्त बताया है। दिल्ली से जारी किये गये अपने बयान में उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सरकारों द्वारा नेहरू-गांधी परिवार के नेताओं की दिल्ली से लेकर देश में कितनी समाधियां, कितने संग्रहालय, कितनी मूर्तियां तथा पार्क स्थापित किये गये और उनकाSatish Chandra कितनी राशि खर्च हुई? इसका ब्यौरा देश की जनता के सामने रखना चाहिए। ताकि यह साबित हो सके कि दलित एवं पिछड़े वर्ग के संतों व महापुरुषों की याद में स्थापित किये जा रहे स्मारकों पर हुआ खर्च बेहद कम है।
उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को सलाह दी है कि वह दलित व पिछड़े वर्ग के महापुरुषों की याद में बनाये जा रहे स्मारकों के बारे में बयान देने से अपनी पार्टी के इतिहास को अच्छी तरह से जान ले। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया है कि क्या देश सिर्फ नेहरू-गांधी परिवार की जागीर है। जिसके चलते तीन मूर्ति भवन से लेकर राजघाट की करोड़ों की जमीन पर सिर्फ नेहरू- गांधी परिवार के लोगों के स्मारक एवं मूर्ति लगायी गयी और स्व.चन्द्रशेखर एवं स्व.वीपी सिंह की समाधियों के लिए दिल्ली में एक इंच जगह नहीं दी गयी। कांग्रेसी नेताओं के पत्थरों पर पैसा बर्बाद करने संबंधी आरोप को सतीश चन्द्र मिश्र ने पूरी तरह बकवास बताया।
उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार द्वारा महापुरुषों के मान-सम्मान के लिए खर्च की गयी राशि गरीबों, किसानों व अन्य सभी वर्गों के विकास एवं कल्याण पर किये गये खर्च की तुलना में बहुत कम है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य में कई दशकों तक कांग्रेस शासन काल के दौरान हुई लूट- खसोट, भ्रष्टाचार व कुशासन के कारण ही देश व प्रदेश अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित है और बसपा सरकार गरीबों की भलाई के लिए कई योजनाओं को लागू कर रही है, जिससे विचलित होकर ही अब कांग्रेस के नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे है जबकि उन्हें पता है कि मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा मान्यवर कांशीराम की दिली इच्छा के मुताबिक ही लगाई गई हैं।

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१६०० करोड़ रुपये खर्च कर एक बार फिर "गाँधी परिवार" नाम की ब्रान्डिंग की गई | :

लखनऊ।, 30 June, 2009

१६०० करोड़ रु. खर्च कर मुंबई मे बनाए गये पुल का नाम राजीव गाँधी के नाम पर रख कर एक बार फिर देश के दुसरे महापुरषो का अपमान किया गया | विद्त हो की मुंबई मे समुंद्र के उपर लगभग ५.५ क. मी. लम्बे पुल का निर्माण किया गया है और निर्माण के साथ ही पहले की तहर ही एस पुल का नाम गाँधी नाम की ब्रान्डिंग बनाने मे किया गया| आप को बताते चले की यह पुल खास लोगो के लिए बना है ना की आम आदमी के लिए | एस पुल पर दो पहिया बहन, थ्री व्हीलर , यहा तक की बेस्ट की बस भी नही चलेगी |

छह दिसंबर के लिए कांग्रेस भी दोषी : मुख्यमंत्री मायावती जी :

लखनऊ।, 30 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने अयोध्या में छह दिसंबर, 92 को विवादित ढांचा विध्वंस की जांच के लिए गठित लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि ढांचा विध्वंस के लिए कांग्रेस भी उतनी ही दोषी है, जितनी भाजपा व उसके सहयोगी संगठन।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आईबी व राजनीतिक दलों की आशंकाओं को नजरअंदाज न किया होता तो न ढांचा गिरता, न इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप हिंदुओं-मुसलमानों के बीच इतनी चौड़ी खाई खिंचती।

जस्टिस लिब्राहन द्वारा मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के कुछ घंटे बाद यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया आयोग की रिपोर्ट के तथ्य सार्वजनिक किये जाने के बाद व्यक्त करेगी, यद्यपि पार्टी को उम्मीद है कि आयोग ने विवादित ढांचा विध्वंस में भाजपा व उसके सहयोगी संगठनों के साथ कांग्रेस की भी भूमिका उजागर की होगी। उन्होंने कहा कि आयोग का गठन बेशक तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किया था, फिर भी बसपा को उम्मीद है कि इसका असर आयोग की कार्यवाही पर नहीं पड़ा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग ने रिपोर्ट देने में करीब सत्रह वर्ष लगाए। ऐसी लेट-लतीफी से न सिर्फ जन-धन की बर्बादी होती है, बल्कि आयोगों की कार्यप्रणाली से जनता का भरोसा भी उठता है। उन्होंने कहा कि अब आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने में कतई विलंब नहीं किया जाना चाहिए, ताकि ढांचा विध्वंस की असलियत जनता के सामने आ सके व दोषी व्यक्तियों व संगठनों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दोषी व्यक्तियों व संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने में कितना साहस दिखाती है, इस पर जनता की नजर रहेगी। कहा कि ढांचा विध्वंस से पहले आईबी, अन्य खुफिया एजेंसियों व राजनीतिक पार्टियों ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार को आगाह किया था कि सांप्रदायिक शक्तियां ढांचा गिरा सकती हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इसकी अनदेखी की परिणामस्वरूप ढांचा नहीं बचाया जा सका। इसकी प्रतिक्रियास्वरूप दंगे हुए। मुख्यमंत्री ने मांग की कि लिब्राहन आयोग ने जिन्हें इस घटना के लिए दोषी ठहराया हो,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री मायावती जी का भगवान बुद्घ की प्रतिमा के अपमान पर पीएम को पत्र :

लखनऊ।, 28 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती जी ने स्विट्जरलैण्ड के जिनेवा नगर के एक व्यापारिक प्रतिष्ठान में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के अपमान की निन्दा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह को पत्र भेजकर इस ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध का अपमान अक्षम्य अपराध है। इससे भगवान बुद्ध के करोड़ों अनुयायी आहत हुए हैं। प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र में उन्होंने आग्रह किया कि इस घटना के लिए दोषी व्यक्तियों को दण्डित कराने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्रि्वक समाज में सर्वधर्म समभाव का अभाव होता जा रहा है, जो चिन्ता का विषय है।

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देशभर में चलेगा बसपा का शर्म करो, शर्म करो अभियान :

लखनऊ।, 28 June, 2009

उत्तर प्रदेश में भाईचारे को तोड़ने और जातिवाद को बढ़ावा देने वाले दलों के खिलाफ शर्म करो, शर्म करो अभियान शुरू करने के बाद बसपा अब देश भर में यह अभियान चलाएगी। यहां सभी राज्यों के बसपा पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने इस अभियान को कैसे सभी राज्यों में चलाया जाए, इस संबंध में दिशा निर्देश दिए। इसके साथ उन्होंने महाराष्ट्र एवं हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटने के निर्देश वहां के पार्टी नेताओं को दिए।
मुख्यमंत्री मायावती जी ने कहा कि यूपी की तर्ज पर सभी वर्गो को जोड़ने की मुहिम दोनों राज्यों में शुरू की जाए ताकि चुनावों में ज्यादा से ज्यादा सफलता हासिल की जा सके। इन राज्यों में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के बारे में भी उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त की, पर कौन प्रत्याशी किस सीट से चुनाव लड़ेगा? इसका ऐलान नहीं किया। सूत्रों के अनुसार इन राज्यों में दौर करके वह चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगी। पार्टी नेताओं के अनुसार देश के सभी राज्यों से बुलाए गए पार्टी पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक में बसपा प्रमुख ने पार्टी के शर्म करो, शर्म करो अभियान को देशभर में चलाए जाने पर जोर दिया जिसके तहत उन्होंने 19 जून को प्रदेश में चलाये गये शर्म करो, शर्म करो अभियान का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री मायावती जी ने बताया कि यूपी के सभी जिला मुख्यालयों पर यह अभियान सफलता पूर्वक आयोजित किया गया और लखनऊ सहित कई जिलों में तो वह खुद इस अभियान के तहत आयोजित जनसभा में शामिल हुई। बसपा प्रमुख ने कहा है कि पार्टी कैडर जनसभा एवं संगोष्ठी एवं रैलियां करें और लोगों को बताएं कि कैसे केंद्र की सत्ता पर काबिज रहे दलों ने भाईचारे को तोड़ने एवं जातिवाद को बढ़ाने का कार्य किया। इस अवसर पर उन्होंने सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय की नीति पर चलने वाली एक दलित की बेटी देश की प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन पाई? जरा सोचिए! शीर्षक से हिंदी तथा अंग्रेजी में जारी 112 पेज की एक पुस्तिका विभिन्न राज्यों से आये पार्टी पदाधिकारियों को मुहैया कराई। यह पुस्तिका पार्टी ने तैयार कराई है। मायावती ने पार्टी नेताओं से यह भी कहा कि वह पार्टी की मूवमेंट को पूरी ताकत एवं मजबूती के साथ हर राज्य में आगे बढ़ाएं। पार्टी नेताओं के अनुसार बसपा प्रमुख ने शुक्रवार को सभी राज्यों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने सभी राज्यों में पार्टी की गतिविधियों के बारे में समीक्षा की और पार्टी संगठन से संबंधित समस्याओं का निदान किया और शनिवार को सभी राज्यों के नेताओं के साथ एक संयुक्त बैठक करके देश भर में बसपा का जनाधार बढ़ाने के निर्देश दिए।

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कांग्रेसी नेता के पुत्र ने दलित महिला के साथ बलात्कार किया:

लखनऊ।, 27 June, 2009

ग्रे. नोयडा के एक कॉंग्रेसी नेता के पुत्र और उसके मित्र ने एक दलित महिला को डरा धमका कर उसके साथ गैंग रेप किया यही नहीं दोनों ने महिला का एमएमएस भी बनाया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने मामले की सूचना पुलिस को देने पर एमएमएस को इंटरनेट पर डालने की धमकी दी। पुलिस ने रात में आरोपी एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपिओं के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी व हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अंबेडकर व कांशीराम स्मारकों समेत दलित महापुरुषों की याद में निर्मित 15 स्मारकों का लोकार्पण :

लखनऊ।, 26 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती जी ने कहा कि इन स्मारकों की लागत दिल्ली के राजघाट की जमीन की कीमत से कहीं कम है। विरोधी दल निर्माण में खर्च धनराशि पर बेवजह बातें कर रहे हंै। यदि आजादी के बाद सरकारों ने दलित महापुरुषों की स्मृति में स्मारक बनवाए होते तो बसपा सरकार को ऐसा करने की जरूरत न पड़ती। अचानक हुए समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 15 योजनाओं का लोकार्पण किया। समारोह में शिरकत करने के लिए राजधानी में मौजूद मंत्रियों व आसपास के जिलों से बसपा कार्यकर्ताओं को एकत्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मारकों, संग्रहालयों व पार्को के निर्माण में स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के बजट का एक भी पैसा नहीं लगा है। इसका निर्माण पूरी तरह से लोक निर्माण विभाग के बजट से किया गया है। विरोधियों का यह कहना कि इनके निर्माण के पैसे से अस्पताल व स्कूल बनाये जा सकते थे, सही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, जैसे केंद्र सरकार रक्षा बजट में कटौती कर अस्पताल नहीं बनवा सकती, विदेश मंत्रालय के बजट से हैंडपंप नहीं लगवा सकती, वैसे ही पीडब्ल्यूडी के बजट का ही उपयोग पार्को, स्मारकों के निर्माण में किया गया है। इन निर्माण कार्यो से तमाम लोगों का अस्थाई रोजगार भी मिला। हाथी की मूर्ति लगाए जाने पर सफाई देते हुए कहा, इनका बसपा के चुनाव चिन्ह से कोई मतलब नहीं है। स्मारकों में लगे हाथी सूंड़ उठाकर स्वागत करते दिखायी दे रहे हैं।
मायावती ने कहा,उनकी सरकार ने छात्राओं को साइकिलें वितरित की हैं जबकि यह तो सपा का चुनाव चिन्ह है। कुछ स्मारकों में कांशीराम के साथ खुद की प्रतिमा लगाये जाने पर भी मुख्यमंत्री ने सफाई दी और कहा,बसपा के संस्थापक कांशीराम की इच्छा के अनुरूप ही खुद की प्रतिमा का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिमा का अनावरण मंत्री नसीमुद्दीन से कराने की घोषणा भी की।

केंद्र ने दिखाया यूपी को ठेंगा :

लखनऊ।, 26 June, 2009

नई दिल्ली गन्ना खेती से किसानों के मुंह मोड़ने से परेशान केंद्र सरकार ने गन्ना वर्ष 2009-10 के लिए गन्ने का वैधानिक न्यूनतम मूल्य (एसएमपी) 32 फीसदी बढ़ाकर 107.76 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। यह मूल्य 9.50 प्रतिशत की रिकवरी पर दिया जायेगा। रिकवरी दर में प्रति प्वाइंट की वृद्धि पर 1.13 रुपये प्रीमियम के तौर पर अलग से मिलेंगे। जबकि पिछले गन्ना सत्र में नौ फीसदी की रिकवरी पर 81.18 रुपये का एमएसपी तथा प्रत्येक अतिरिक्त प्वाइंट की रिकवरी दर पर 90 पैसे का प्रीमियम निर्धारित किया गया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बृहस्पतिवार को गन्ने के एसएमपी को मंजूरी दी गई। यह जानकारी गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने दी। हालांकि गन्ने के एसएमपी के लिए कृषि लागत व मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने 125 रुपये प्रति क्विंटल के एसएमपी की सिफारिश की थी, जिसे घटाकर 107.76 रुपये प्रति क्विंटल एसएमपी की घोषणा की गई है। दरअसल, महाराष्ट्र में चुनाव के मद्देनजर कृषि व खाद्य मंत्री शरद पवार ने महीन चाल चली है, जिससे महाराष्ट्र व तमिलनाडु के किसानों को सीधा फायदा होगा। गन्ने की अतिरिक्त रिकवरी पर मिलने वाले प्रीमियम में 23 पैसे प्रति प्वाइंट की जो वृद्धि की गई है, उसका सर्वाधिक लाभ इन्हीं राज्यों के गन्ना किसानों को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन राज्यों में गन्ने से रिकवरी की दर 11.50 से लेकर 12 फीसदी तक है। उत्तर प्रदेश में चूंकि चीनी की रिकवरी दर महाराष्ट्र और तमिलनाडु के मुकाबले कम रहती है, इसलिए राज्य के किसानों को गन्ने का मूल्य ज्यादा से ज्यादा 110.58 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। पिछले साल उत्तर प्रदेश के गन्ने का मूल्य 84.50 रुपये प्रति क्विंटल पड़ रहा था। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर राज्य समर्थित मूल्य नहीं दिया जाता है, जिसकी भरपाई के लिए पवार ने प्रीमियम 90 पैसे प्रति प्वाइंट से बढ़ाकर 1.13 रुपये कर दिया है। इस आधार पर महाराष्ट्र व तमिलनाडु के किसानों को गन्ने का दाम 140 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलना ही है। दरअसल, गन्ने के इस एसएमपी का औचित्य उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। इसके मुकाबले राज्य सरकार अपना एसएपी घोषित करती है, जो इसके मुकाबले 40 से 50 रुपये प्रति क्ंिवटल अधिक होता है। लेकिन वर्ष 2008-09 के गन्ना सत्र के दौरान चीनी मिलों ने 140 से 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया है। इसे देखते हुए राज्य के गन्ना किसानों को केंद्र सरकार की इस घोषणा से निराशा ही हुई है। गन्ना किसान नेता अवधेश मिश्र ने हैरानी जताते हुए कहा कि न जाने क्यों सरकार गन्ने की लागत को नजरअंदाज कर एसएमपी घोषित करती है। एक बार फिर यूपी के किसानों को छला गया है। एसएमपी की घोषणा से हताश गन्ना किसान नेता अनिल सिंह का कहना है कि निराश किसानों ने गन्ना खेती से पहले ही दूरी बना ली है। अब गन्ना खेती का रकबा और घटेगा। गन्ने की खेती घटी तो चीनी में किल्लत रहेगी ही। सरकार ने दूसरी बार सीएसीपी की सिफारिश को खारिज किया है।

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सर्वसमाज को मायावती सरकार का मानसून तोहफा :

लखनऊ।, 26 June, 2009

राज्य सरकार ने गुरुवार को सर्वसमाज को खुश करने का प्रयास किया। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में परंपरागत अंक व डिवीजन व्यवस्था खत्म करके ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने का फैसला किया, वहीं व्यापारियों को शोषण व झंझट से मुक्त कराने के लिए 37 व्यापार कर चेकपोस्ट खत्म कर दिये, साथ ही फार्म-38 व बहती व्यवस्था को वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया।
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने बताया कि हाईस्कूल के परीक्षार्थी यदि छह में से पांच विषयों में पास हो जाते हैं तो उन्हें उत्तीर्ण माना जायेगा। वैसे जो परीक्षार्थी चाहें, उनके लिए कंपार्टमेंट प्रणाली जारी रहेगी। इतना ही नहीं, परीक्षार्थियों के अंकपत्र में अब डिवीजन के बजाय ग्रेड अंकित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नयी व्यवस्था सत्र 2010-11 से लागू होगी। इसी के साथ सीबीएसई, आईसीएससी तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद के गैर-सरकारी स्कूलों में फीस तय करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। इसके निर्णय के खिलाफ मंडलायुक्त के समक्ष अपील की जा सकेगी। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान इस व्यवस्था से मुक्त रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने मौजूदा 37 व्यापार कर चेकपोस्ट खत्म करने का फैसला किया है। इससे व्यापारियों को होने वाली असुविधा खत्म होगी तथा भ्रष्टाचार रुकेगा। कुल 83 में 46 चेकपोस्ट पहले ही खत्म किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि व्यापारियों की सुविधा के लिए फार्म-38 व बहती की व्यवस्था संशोधित करके वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। अब व्यापारियों को फार्म-38 लेने व जमा करने के लिए व्यापार कर कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने इसके लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन करने का फैसला किया है।
काली-पीली रंगी जायेंगी टैक्सियां
राज्य मंत्रिपरिषद ने फैसला किया है कि अब सभी मोटर टैक्सियां काले-पीले रंग में रंगी जायेंगी। टैक्सियों के अलावा अन्य कोई वाहन इस रंग संयोजन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। मंत्रिपरिषद के फैसले की जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रत्येक मोटर टैक्सी काले रंग में पीले हुड के साथ रंगी जायेगी। जहां अन्य वाहनों के यह रंग संयोजन अपनाने पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं विदेशी मेक की 24 हार्सपावर या अधिक क्षमता की पर्यटक टैक्सियों पर यह रोक लागू नहीं होगी। हरियाणा व राजस्थान राज्यों तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के बीच संपादित करार के अनुसार सीएनजी संचालित टैक्सियां निर्धारित कामन कलर कोड में ही रंगी जायेंगी।
मंत्रिपरिषद ने शासकीय विभागों एवं निगमों आदि में विभिन्न संस्थाओं द्वारा उत्पादित वस्त्रों की क्रय अनिवार्यता अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। उत्पादक संस्थाओं में राज्य हथकरघा निगम, यूपिका, उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, श्री गांधी आश्रम तथा उप्र निर्यात निगम मुख्य हैं। इन संस्थाओं द्वारा उत्पादित वस्त्रों की क्रय अनिवार्यता 31 मार्च, 09 को समाप्त हो चुकी है। मंत्रिपरिषद ने इसे एक वर्ष आगे बढ़ा दिया।

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सरकारी ठेकों में एससी-एसटी को 23 फीसदी आरक्षण :

लखनऊ।, 26 June, 2009

राज्य मंत्रिपरिषद ने पांच लाख रुपये तक लागत के सभी सरकारी ठेकों में एससी-एसटी को 23 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके अलावा पूर्व चयनित अंबेडकर गांवों की दलित बस्तियों का कायाकल्प करने का भी निर्णय किया गया है, जिसके तहत इन गांवों में सीसी रोड बनेंगे, दलित बस्तियों में डॉ.अंबेडकर सामुदायिक केंद्र बनेंगे, तथा दस हजार दलित बस्तियों को इसी वर्ष सोलर सोडियम लैंप लगाकर रोशन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री मायावती ने मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रत्येक मुख्यमंत्रित्वकाल में अंबेडकर गांवों का चयन तो हुआ लेकिन विकास कार्य उनकी सोच के अनुरूप नहीं हो सके। जो विकास हुए, उनका समुचित रखरखाव नहीं हुआ। मंत्रिपरिषद ने फैसला किया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में नये अंबेडकर गांवों का चयन नहीं किया जायेगा, बल्कि पूर्व चयनित गांवों को ही चरणबद्ध ढंग से दुबारा विकसित किया जायेगा। इसके प्रथम चरण में इस वर्ष दो हजार अंबेडकर गांवों में सीसी रोड बनेंगी। इसकी शुरुआत दलित बस्तियों से होगी। इस पर आठ सौ करोड़ रुपये व्यय होंगे। इन गांवों की दलित बस्तियों में 260 करोड़ रुपये लागत से डॉ.अंबेडकर सामुदायिक केंद्र बनाये जायेंगे, जिनका लाभ सभी वर्गो के लोग उठा सकेंगे। इसी प्रकार अंबेडकर गांवों में सोलर सोडियम लैंप लगाने की योजना में भी दलित बस्तियों को प्राथमिकता मिलेगी। इस वर्ष दस हजार दलित बस्तियों में सोलर लैंप लगा दिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी सरकारी विभागों, निगमों, उपक्रमों, प्राधिकरणों व अन्य सरकारी-अ‌र्द्ध सरकारी संगठनों के पांच लाख रुपये तक के ठेकों में अनुसूचित जाति को 21 फीसदी तथा अनुसूचित जनजाति के दो फीसदी आरक्षण दिया जायेगा। इस श्रेणी के कार्य चिन्हित करके सिर्फ एससी-एसटी वर्गो के ही ठेकेदारों से टेंडर लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार व्यापारियों, छात्रों, अभिभावकों व अन्य सभी वर्गो के हित में फैसले कर रही है, लेकिन स्वाभाविक रूप से एससी-एसटी के विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि ये वर्ग सर्वाधिक उपेक्षित रहे हैं।

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सूखे की आशंका से शासन ने कमर कसी :

लखनऊ।, 26 June, 2009

सूखे की आशंका को देखते हुए राज्य शासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने सभी जिलाधिकारियों को इस दिशा में सतर्क करते हुए तत्काल सारी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे एक सप्ताह में पेयजल के सभी श्रोतों और संसाधनों की मरम्मत करायें। उन्होंने बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के अलावा इलाहाबाद जिले में पेयजल संकट को देखते हुए आपदा राहत निधि से टैंकरों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। मुख्य सचिव ने खाद्यान्न की कमी न होने देने, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ पशुओं के लिए चरही का निर्माण कराने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही उन्होंने डीएम को हर सप्ताह शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा है। विभागों के अलावा अब राहत आयुक्त भी इन कामों की 'मानिटरिंग' करेंगे।
मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी शासनादेश में कहा गया है कि बुदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के अलावा आगरा, मथुरा, इलाहाबाद आदि जिलों में खराब हैंडपम्प को जल निगम के मुख्य अभियंता तीन दिन के अंदर दुरुस्त करा लें। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपम्पों की मरम्मत का कार्य तीन दिन में पंचायती राज विभाग द्वारा पूरा कराने के साथ इसकी सूचना संबंधित जिलाधिकारियों को दे दी जाये। तालाबों को भरे जाने की पूरी रिपोर्ट सभी संबंधित विभागों को भेजने के साथ राहत आयुक्त को भी भेजे जाने को कहा गया है।
राजस्व सचिव एवं राहत आयुक्त एसएन शुक्ला ने बताया कि शासन हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार है। जहां कहीं भी कोई समस्या आ रही है, उसका निराकरण कराया जा रहा है। शासन तभी किसी क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करता है जब वहां पचास प्रतिशत या उससे अधिक फसल का नुकसान होता है। इसके लिए जिलाधिकारी रिपोर्ट भेजता है। सूखाग्रस्त घोषित होने पर किसानों के राजस्व देयों की वसूली स्थगित कर दी जाती है। साथ ही फसल नष्ट होने पर उसे कृषि अनुदान भी मिलता है। सूखे की आशंका को देखते हुए राज्य शासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने सभी जिलाधिकारियों को इस दिशा में सतर्क करते हुए तत्काल सारी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे एक सप्ताह में पेयजल के सभी श्रोतों और संसाधनों की मरम्मत करायें। उन्होंने बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के अलावा इलाहाबाद जिले में पेयजल संकट को देखते हुए आपदा राहत निधि से टैंकरों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। मुख्य सचिव ने खाद्यान्न की कमी न होने देने, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ पशुओं के लिए चरही का निर्माण कराने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही उन्होंने डीएम को हर सप्ताह शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा है। विभागों के अलावा अब राहत आयुक्त भी इन कामों की 'मानिटरिंग' करेंगे।
मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी शासनादेश में कहा गया है कि बुदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के अलावा आगरा, मथुरा, इलाहाबाद आदि जिलों में खराब हैंडपम्प को जल निगम के मुख्य अभियंता तीन दिन के अंदर दुरुस्त करा लें। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपम्पों की मरम्मत का कार्य तीन दिन में पंचायती राज विभाग द्वारा पूरा कराने के साथ इसकी सूचना संबंधित जिलाधिकारियों को दे दी जाये। तालाबों को भरे जाने की पूरी रिपोर्ट सभी संबंधित विभागों को भेजने के साथ राहत आयुक्त को भी भेजे जाने को कहा गया है।
राजस्व सचिव एवं राहत आयुक्त एसएन शुक्ला ने बताया कि शासन हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार है। जहां कहीं भी कोई समस्या आ रही है, उसका निराकरण कराया जा रहा है। शासन तभी किसी क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करता है जब वहां पचास प्रतिशत या उससे अधिक फसल का नुकसान होता है। इसके लिए जिलाधिकारी रिपोर्ट भेजता है। सूखाग्रस्त घोषित होने पर किसानों के राजस्व देयों की वसूली स्थगित कर दी जाती है। साथ ही फसल नष्ट होने पर उसे कृषि अनुदान भी मिलता है।

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उप में एक लोकसभा और 13 विधानसभा सीटों के लिए उप चुनाव अगस्त महीने में होंगे। :

लखनऊ।, 26 June, 2009

इस्तीफों की वजह से रिक्त हुई एक लोकसभा और 13 विधानसभा सीटों के लिए उप चुनाव अगस्त महीने में होंगे। चुनाव कार्यक्रम जुलाई महीने में हो जाएगा। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने दी।
सूत्रों के अनुसार किसी सीट के रिक्त होने की स्थिति में उसे छह महीने के भीतर भरने की बाध्यता होती है। रिक्त सीटों में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जिन्हें भरने की संवैधानिक बाध्यता एक सितम्बर तक है। ऐसे में आयोग ने प्रदेश की सभी रिक्त सीटों के चुनाव एक साथ में कराने का फैसला किया है। रिक्त सीटों में एक फिरोजाबाद संसदीय सीट है। यह अखिलेश यादव के इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई है। अखिलेश यादव दो जगह से चुनाव जीते थे। बाद में उन्होंने कन्नौज की सीट बरकरार रखी और फिरोजाबाद की सीट छोड़ दी।
इसी तरह विधानसभा सीटों में झांसी, पडरौना, लखनऊ पश्चिम, रारी, मोरना,पुवायां, मुगलसराय के विधायक सांसद निर्वाचित हो गए हैं। सांसद निर्वाचित होने के बाद उनके इस्तीफा देने के कारण ये सीटें रिक्त हुई हैं। मलिहाबाद, मुरादाबाद पश्चिम, कोलअसला, बिधूना और इसौली वह सीटें हैं जहां के विधायकों ने दलबदल किया और इस वजह से उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दे दिया।

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मुख्यमंत्री मायावती जी ने उ. प्र. में सभी चुंगी और चेक पोस्ट समाप्त करने की एतिहसिक खोसणा की :

लखनऊ।, 25 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती जी ने उ. प्र. में सभी चुंगी और चेक पोस्ट समाप्त करने की एतिहसिक घोसड़ा की उन्होने ने कहा की उ. प्र मे जो भी चेक पोस्ट और चुंगी है अब उन पर कोई टेक्स नही बसूला जाएगा|
यह घोसड़ा प्रदेस के वाइपारियो के लिए बहुत राहत भारी है| अब उन्‍हे कही भी खड़ा नही होना पड़ेगा| चेक पोस्ट पर गाड़ी की कतार ऩही लगेगी | एससे बदती मगाई पर भी कुछ हद तक राहत मिलेगी कानपुर व्यापारी यूनियन के कुछ लोगो ने तो खबर सुनते ही मायावती जिंदवाद के नारे लगाने सुरू कर दिए|

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा:

लखनऊ।, 25 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रंस में सरकार के इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में सुधार के लिए ग्रेड प्रणाली शुरू करने का फैसला किया है। यह फैसला सत्र 2010-11 से लागू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हाई स्कूल के मार्कशीट पर अंकों और डिविजन का उल्लेख होने की बजाय ग्रेड का उल्लेख होगा। इसके अलावा छह में से पांच विषयों में पास होने पर छात्र को पास माना जाएगा।
माना जा रहा है कि सरकार का यह फैसला छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस साल हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के खराब नतीजों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। मालूम हो कि इस साल प्रदेश में हाई स्कूल परीक्षा में 12 लाख से ज्यादा छात्र फेल हुए थे।

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पुलिस बल में 1,58,608 की भर्ती करने का निर्णय:

लखनऊ।, 23 June, 2009

राज्य में डेढ़ लाख से अधिक सिपाहियों को भर्ती करने सम्बंधी प्रक्रिया की सुस्ती मुख्यमंत्री मायावती की पूछताछ में गृह विभाग के अफसरों को भारी पड़ गयी। पहले चरण में 35 हजार सिपाहियों की भर्ती किये जाने के निर्देश शासन से राज्य पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को दिये गये। सूत्रों के अनुसार शासन के इस निर्देश पर अब शीघ्र ही इन भर्तियों के लिए पद विज्ञापित किये जायेंगे। इन पदों की भर्ती के लिए अपनायी जाने वाली प्रक्रिया को अन्तिम रूप देने की कवायद राज्य पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में शुरू हो गयी है।

गौरतलब है मुख्यमंत्री मायावती ने छह जनवरी को पुलिस बल में एक लाख 58 हजार 608 की भर्ती करने का निर्णय लिया था। मंत्रिपरिषद में हुए निर्णय को उन्होंने तब अपनी सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया था। यही भी कहा था कि इन सिपाहियों की भर्ती करने में किसी तरह का घोटाला न होने पाये इसके लिए उन्होंने पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के गठन करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद आनन फानन पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में अधिकारियों की तैनाती की गयी और उन्हें सिपाहियों की भर्ती करने के मामले में तेजी दिखाने के निर्देश दिये गये। इसी क्रम में सरकार ने गृह विभाग के नेपाल सीमा के सात व एनसीआर क्षेत्र के 10 तथा राज्य के अन्य 51 जिलों के थानों में पुलिसबल की कमी का ब्यौरा भी बोर्ड के अधिकारियों को दिया।

सूत्रों के अनुसार इस ब्यौरे के आधार पर पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के बड़े अधिकारियों ने सिपाहियों की भर्ती करने के सम्बंध में तैयार हुई भर्ती नियमावली देखी तो उसमें उन्हें कई खामियां पायी। उन्हें दूर करने के लिए बोर्ड के एडीजी ने शासन को लिखा। कहा जा रहा है खामियों को दूर करने में गृह विभाग के अफसरों ने तेजी नहीं दिखायी और इस सम्बंध में मिले पत्रों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिस पर कुछ दिनों पूर्व पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के एडीजी ने एक पत्र प्रमुख सचिव गृह को लिखा और शासन के उच्चाधिकारियों को भी इस सम्बंध में अवगत कराया। कहा जा रहा है इसी के बाद अचानक सिपाहियों की भर्ती के मामले में तेजी आ गयी और आनन-फानन में पुलिस भर्ती को लेकर तैयार नियमावली जिसमें हिन्दी एवं अंग्रेजी के अनुवाद में भिन्नता सम्बंधी खामियों को दूर करते हुए 35 हजार सिपाहियों की भर्ती करने का रास्ता तैयार कर दिया गया। अब इसके तहत पुलिस सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड इन सिपाहियों की भर्ती करने से सम्बंधित विज्ञापन जारी करेगा। सिपाही भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता व चिकित्सा परीक्षा देनी होगी जो अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में उत्तीर्ण होंगे उन्हें लिखित परीक्षा देनी होगी। शासन के अफसरों का कहना है कि सिपाहियों की भर्ती करने सम्बंधी जारी होने वाले विज्ञापन में विस्तार से यह जानकारी दी जायेगी कि भर्ती के लिए अभ्यर्थी को क्या-क्या प्रमाण पत्र देने होंगे और उन्हें किन-किन परीक्षाओं से गुजरना होगा।

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मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जातिवाद को समाप्त करने का आहवान किया। :

गाजियाबाद, 19 June, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जातिवाद को समाप्त करने के लिए चुनौती के रूप में लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि देश में आजादी के 61 वर्ष बीतने के बावजूद व्यवहारिक तौर पर जातिवाद समाप्त नहीं हुआ है। इसके लिए कार्यकर्ताओ को मन से जातिवाद समाप्त कर अगड़ी जातियों और मुस्लिमों को जोड़ना होगा। सभी वर्ग को साथ लेकर चलने पर ही दलित की बेटी देश की प्रधानमंत्री बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यह बात स्थानीय जीटी रोड पर स्थित राम लीला मैदान में तीन जिलों के कार्यकर्ताओं की रैली में कही। उन्होंने कहा कि आज का दिन बसपा के लिए ऐतिहासिक है। 19 जून को देशव्यापी शर्म करो शर्म करो अभियान की शुरुआत करने का मुख्य कारण पहली बार 19 जून 1995 को प्रदेश की सत्ता की कमान संभाली थी। मुख्यमंत्री की हैसियत से विश्वास मत हासिल किया था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी द्वारा दलितों के बीच जन्म दिन मनाना एक छलावा है। बसपा ने पूरे समाज में भाईचारा का पाठ पढ़ाया है। दलित बिरादरी में जन्मे भीमराव अंबेडकर सहित अनेक महापुरुषों ने समाज में समता मूलक समाज की स्थापना करने पर बल दिया है। बसपा भी पिछले चार सालों से समाज के सभी वर्गो को एक साथ लेकर चल रही है। यही कारण है कि तीन बार प्रदेश के बागडोर संभालने के बाद चौथी बार उन्हें स्पष्ट बहुमत मिला। इसके पीछे समाज के सभी वर्गो को साथ लेकर चलने की बसपा की मंशा है। उन्होंने कहा कि देश से जातिवाद समाप्त करने का काम दलित ही कर सकता है और सभी कार्यकर्ताओं को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

सुश्री मायावती ने कहा कि हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अन्य दलों ने ऊंची जातियों और मुसलमानों को बरगलाने का काम किया। इसके कारण अन्य जातियों ने ऐन वक्त पर दूसरी पार्टियों को वोट दिया, लेकिन बसपा इससे घबराने वाली नहीं है। बसपा पूरे देश में आपसी भाईचारा बढ़ाने का संकल्प लेती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समाज में जातिवाद समाप्त करने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कि अन्य दल दलित समाज के लोगों को भड़काने का काम कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए बसपा के कार्यकर्ताओें को सतर्क रहने की जरूरत है। रैली में बागपत, मेरठ और गाजियाबाद के कार्यकर्ता शामिल हुए।

रैली में पश्चिमी उत्तार प्रदेश के प्रभारी एवं सांसद मुनकाद अली, कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी, लखीराम नागर, हाजी याकूब ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जिलाअध्यक्ष प्रेमचंद्र भारती, पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रसाद प्रधान, अमरपाल शर्मा, महेश प्रजापति सहित सहित जिले के अनेक पदाधिकारी मौजूद थे।

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दलित समाज हिम्मत न हारे :

गाजियाबाद, 19 June, 2009

बहुजन समाज पार्टी की शुक्रवार की शर्म करो शर्म करो रैली में मुख्यमंत्री मायावती ने करीब पौन घंटे तक भाषण दिया। स्थानीय जीटी रोड स्थित रामलीला मैदान परिसर में रैली में मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ही रैली के उद्देश्यों को लेकर की। इस बीच उन्होंने साफ किया कि इसका उददेश्य कांग्रेस के स्टार प्रचारक एवं सांसद राहुल गांधी के जन्म दिन से नहीं है। बसपा जातिवाद समाप्त करते हुए समता मूलक समाज की स्थापना करना चाहती। उन्होंने कहा कि जातिवाद के कारण ही बसपा दो बार शिकार हुई। हाल के चुनाव में बसपा केंद्र में सरकार बनाते बनाते रह गई। वोट पड़़ने के ठीक चार दिन पहले बसपा के खिलाफ मोर्चा बंदी की गई। जबकि सबसे बडे़ प्रदेश में चारों तरफ यही हवा थी कि बसपा को केंद्र में बड़ी ताकत के रूप में उभरने से रोकना अब संभव नहीं है। गाजियाबाद में चुनावी सभा के दौरान भी यही हवा थी कि बसपा अब लड़ाई में आ गई है, लेकिन कांग्रेस, भापजा एवं सपा के आपस में हाथ मिलाने के चलते ही बसपा केंद्र में बड़ी पार्टी के रूप में उभरने से दूर हुई। बसपा को केंद्र में बड़ी शक्ति के रूप में उभरने की उम्मीद भी मतदाताओं की भावना के चलते बनी थी। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 21 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की, जबकि शेष सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। इसी तरह सपा ने 24 सीटों पर सफलता हासिल की, जबकि बसपा की सीट बढ़कर 20 हुई, जबकि 2004 के चुनाव में बसपा को 19 सीटे मिली थीं। 15 वीं लोकसभा के चुनाव में बसपा का वोट प्रतिशत सबसे अधिक साढे़ 27 फीसदी रहा। एक तरह से बसपा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे नंबर एवं प्रदेश में पहले नंबर पर उभरकर सामने आयी है। यह पार्टी के दलित मतदाताओं के अंतिम क्षणों तक एक स्थान पर अडिग रहने की देन है।

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बहुजन समाज पार्टी और हरियाणा जनहित कांग्रेस (पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ) हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव बसपा के साथ लड़ेगी। :

हरियाणा, 19 June, 2009

हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के नेता पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव साथ लड़ेगी। यह घोषणा बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने वीरवार को लखनऊ में की। पत्रकार वार्ता में भजनलाल और उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई भी थे। मायावती ने कहा कि हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं। जब भी वहां चुनाव होंगे, 50 सीटों पर भजनलाल की पार्टी और 40 पर बसपा उम्मीदवार खड़ा करेगी। सरकार बनने की दशा में मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप को बनाया जाएगा और उपमुख्यमंत्री बसपा से अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति बनेगा। उन्होंने कहा कि आगे जब भी लोकसभा चुनाव होंगे, उसमें दस में से छह सीटें बसपा और चार पर हजकां लड़ेगी। मायावती ने कहा कि हरियाणा में सर्वसमाज की संख्या अच्छी खासी है। अगर दोनों पार्टियों के मतों को जोड़ दिया जाए तो हम बहुमत से काफी आगे हो जाते हंै। अपने संबोधन में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि यह समझौता लंबा चलेगा। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि वह राजग के घटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि परमाणु मुद्दे पर वह संप्रग सरकार के खिलाफ जरूर थे, लेकिन राजग का हिस्सा कभी नहीं बने। अब बसपा का साथ छोड़कर वह किसी के साथ जाने वाले नहीं हैं।

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अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की सीधी भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक :

लखनऊ, 20 June, 2009

लखनऊ राज्य सरकार को एक और झटका। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की सीधी भर्ती पर रोक लगाते हुए सरप्लस स्टाफ से रिक्त पदों पर नियुक्ति करने को कहा है। हाईकोर्ट ने सरप्लस स्टाफ से रिक्त पदों को भरने के शासनादेश को दोषपूर्ण मानते हुए यह आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में दो सप्ताह में प्रति शपथपत्र प्रस्तुत करने को भी कहा है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 9 जून 2009 को जारी राज्य सरकार के शासनादेश पर आंशिक रोक लगाते हुए कहा है कि 20 अक्टूबर 2008 के शासनादेश के अनुसार एक नवंबर 2008 के बाद सेवानिवृत्ति से हुई रिक्तियों पर सरप्लस स्टाफ से भर्ती की जाये। यह आदेश न्यायमूर्ति एस.एच.शुक्ला व न्यायमूर्ति एसएनएच जैदी की खंडपीठ ने दिया। जून 2009 को जारी शासनादेश में राज्य सरकार ने कहा है कि सामान्य व पिछड़े वर्ग के लोगों की भर्ती रिक्त पदों पर सरप्लस कर्मचारियों से होगी, लेकिन एससी, एसटी के रिक्त पदों पर सरप्लस स्टाफ से समायोजन के बजाय सीधी भर्ती होगी। याचिका में कहा गया कि शासनादेश मनमाना व दोषपूर्ण है। सरकार ने 2008 को पारित शासनादेश में कहा कि एक नवम्बर 2008 से सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त पदों पर विभाग के सरप्लस कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

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लखनऊ-कानपुर के बीच औद्योगिक गलियारा बनाने की राह हुई आसान :

लखनऊ, 17 June, 2009

लखनऊ और कानपुर के बीच औद्योगिक गलियारा बनाने की कवायद के लिए देर से ही सही उम्मीद की किरण दिखाई दी है। लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) परियोजना के पहले चरण में अधिग्रहीत चार में से एक गांव के 112 किसानों ने हाल ही में लीडा के साथ समझौता कर लिया है। समझौता करने वाले किसान कुरौनी गांव के हैं। इस बारे में अवार्ड घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। लखनऊ और कानपुर के बीच औद्योगिक गलियारा विकसित करने के मकसद से यूपी इंडस्टि्रयल एरिया डेवलपमेंट एक्ट, 1976 के तहत लीडा का गठन किया गया था। लीडा के गठन की अधिसूचना 28 जुलाई 2005 को जारी हुई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राजस्व 83 गांव अधिसूचित किए गए थे। इनमें लखनऊ के 49 और उन्नाव के 34 गांव शामिल हैं। लीडा के निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर 2005 को पहले चरण में लखनऊ के चार गांवों-नटकुर, कुरौनी, बंथरा सिकंदरपुर और मीरानपुर पिनवट की 2000 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने का निर्णय किया था। इन चारों गांव में भूमि अधिग्रहण के लिए भूमि अर्जन अधिनियम की धारा 6/17 के तहत कार्रवाई हुए भी अरसा बीत चुका है। इसके बावजूद भूमि अधिग्रहण नहीं हो पा रहा था। प्रशासन डीएम सर्किल रेट के हिसाब से किसानों को जमीन का मुआवजा दे रहा है। मगर इसे लेकर चली लंबी जद्दोजेहद के बाद लीडा बोर्ड ने किसानों को आपसी समझौते के आधार पर करार नियमावली के तहत मुआवजा देने का फैसला किया। करार नियमावली के तहत मुआवजे की दर तय करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने कुरौनी गांव के लिए 9 लाख रुपये प्रति बीघा की दर निर्धारित किया। इस दर को मंडलायुक्त ने भी मंजूरी दे दी। इस दर पर भूमि के अधिग्रहण के लिए कुरौनी के 112 किसानों ने एक पखवाड़े पहले ही लीडा के साथ समझौता कर लिया है। लीडा के लिए कुरौनी गांव के 315 किसानों की 113.151 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी है।

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यूपी में 45 हजार प्राइमरी टीचरों की नियुक्ति होगी :

लखनऊ, 15 June, 2009

उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में टीचरों की कमी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार जुलाई में अगला सेशन शुरू होने से पहले 45 हजार शिक्षकों को नियुक्त करने की घोषणा की है। राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री धर्म सिंह सैनी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि टीचरों के लिए ब्लॉक रिसोर्स सेंटर के जरिए ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद मूल्यांकन किया जाएगा कि वे क्लास लेने में सक्षम हैं कि नहीं।

अपने मंत्रालय की नई वेबसाइट का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए यह फैसला पहले ही लिया जा चुका है कि कक्षा एक से लेकर चार तक के छात्रों की गंभीर रूप से परीक्षा ली जाएगी। धर्म सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ टीचरों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसके जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि टीचर नियमित रूप से क्लास लें।

इसके लिए हर जिले में 12 मेंबर वाली टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टास्क फोर्स पढ़ाई के तरीके विकसित करेगी। मंत्री ने कहा कि छात्रों को जुलाई में किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी।

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बिटिया ब्याहने के लिए गरीबों को अब जल्द मिलेगा पैसा:

लखनऊ, 13 June, 2009

अब पिछड़े वर्ग के गरीबों को बिटिया की शादी के लिए महीनों आर्थिक मदद मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने आर्थिक मदद के सभी आवेदनों को प्रतिमाह निस्तारित करने के निर्देश दिये हैं।

गौरतलब है कि अन्य पिछड़े वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी एवं बीमारी पर आर्थिक मदद देने की योजना पिछले दो वित्तीय वर्षो से राज्य सरकार चला रही है। योजना के तहत पुत्रियों की शादी के लिए 10 हजार रुपये तथा बीमारी के इलाज के लिए 5 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की व्यवस्था है बशर्ते शादी के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो। सरकार ने योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था रखी है।

योजना के संबंध में शासन को इस तरह की लगातार शिकायतें मिल रही थी कि शादी के लिए आर्थिक मदद चाहने वालों के आवेदनों का महीनों निस्तारण ही नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी की बैठक ही नहीं बुलायी जाती है। ऐसे में जरूरतमंद को समय से आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है।

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भूमिहीन परिवारों को मुफ्त बीमा:

लखनऊ, 13 June, 2009

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार ने 'आम आदमी बीमा योजना' का तोहफा देने का निर्णय किया है। इसके तहत सामान्य मृत्यु होने पर आश्रितों को 30 हजार व दुर्घटना में मरने पर 75 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति का बीमा कराया जायेगा, उसे प्रीमियम की कोई किस्त नहीं देनी होगी। पूरा पैसा राज्य सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को सीधे दिया जायेगा।

इस आशय की घोषणा संस्थागत वित्त मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी' ने विभाग की समीक्षा बैठक में करते हुए बताया कि दुर्घटना में पूर्ण रूप से अपंग होने पर 75 हजार व आंशिक अपंगता की स्थिति में 37,500 रुपये देने का प्राविधान है। इसके अलावा लाभान्वित परिवार के दो बच्चों को, जो कक्षा 9 से 12 तक शिक्षा प्राप्त कर रहे होंगे, उन्हें सौ रुपये मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्रवृत्ति का भुगतान छह महीने के अंतराल पर होगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में योजना को 21 जिलों में लागू किया जा रहा है, जिसमें 3,40,806 परिवारों लाभान्वित होंगे। इसके लिए 3.41 करोड़ की धनराशि एलआईसी को उपलब्ध करा दी गयी है।

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों द्वारा ऐसे परिवारों की सूची तैयार करायी जायेगी। योजना के प्रचार- प्रसार का काम विभाग के क्षेत्रीय उप निदेशक करेंगे। संस्थागत वित्त मंत्री ने ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के भी निर्देश दिये और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने जिले के लीड बैंक के साथ विचार विमर्श करके हर महीने 'बैंक दिवस' का आयोजन करें, जिसमें ऋण प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयां दूर करें। किसानों को क्रेडिट कार्ड दिलाने के लिए उन्होंने शिविर आयोजित करने की सलाह भी दी।

उत्तर प्रदेश में अब ठेकेदारी में भी आरक्षण लागू होगा। :

लखनऊ , 14 June, 2009

उत्तर प्रदेश में अब ठेकेदारी में भी आरक्षण लागू होगा। सरकार इसकी शुरुआत लोक निर्माण विभाग से करने जा रही है। इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रस्ताव को विधायी विभाग की सहमति मिल गई है।

अभी तक ठेकेदारी में किसी तरह का कोई आरक्षण नहीं था। सूत्रों के अनुसार ठेकों में अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए उतना ही आरक्षण का प्रतिशत रहेगा, जितना उन्हें नौकरियों में मिल रहा है। आरक्षण के लिए जिले को इकाई मानने की बात है। जिले स्तर पर एक समय में जितने ठेके होने होंगे उसमें अनुसूचित जाति के लिए उनके आरक्षण के अनुसार 21 फीसदी तथा जनजाति के लिए 2 फीसदी ठेके आरक्षित रहेंगे। चूंकि कार्य की लागत के अनुसार ए, बी या सी श्रेणी के ठेके होते हैं इसलिए हर एक श्रेणी के कुल ठेकों में भी अलग-अलग आरक्षण रहेगा। खास बात यह है कि ठेकों में अनुसूचित जाति-जनजाति को ही आरक्षण देने की बात है।

जन्मदिन पर अब चंदा नहीं :

लखनऊ , 14 June, 2009

मायावती जी ने अपने जन्मदिन पर वसूले जाने वाले चंदे को लेकर विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि अब से राज्य में उनके जन्मदिन पर चंदा नहीं वसूला जायेगा और सदस्यता अभियान के तहत ही मिलने वाली राशि से ही पार्टी के कामकाज को किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन पर पार्टी की सदस्यता का अभियान चलता रहेगा।

इसके साथ अब पार्टी के पुराने एवं अतिमहत्वपूर्ण संगठन बामसेफ का पुनर्गठन किया जायेगा, इसके तहत जिला व ब्लाक स्तर पर इसकी इकाई गठित की जायेगी। बूथ स्तर पर भी इसके कर्मठ माने गये कार्यकर्ताओं की सहायता भी ली जायेगी। इसके साथ ही बहुजन वालेंट्री फोर्स को मजबूत करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को इसका प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है जबकि गोरखपुर के रामप्रीत जख्मी को महासचिव बनाया गया है। इस संगठन का नाम भी बदलकर बसपा यूथ फोर्स कर दिया गया है।

कलावती ने पूछा- कहां गए राहुल तुम्हारे वादे? :

नई दिल्ली। , 10 June, 2009

पिछले साल संसद में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने विधरबा. गांव की दलित महिला कलावती का जिक्र करते हुए भारत में विकास मुद्दे पर यूपीए सरकार की चुनौतियों को दर्शाया था।

लेकिन राहुल गांधी के उस मशहूर संसदीय भाषण और वादे के कई महीने बीतने के बाद भी कलावती के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। अब उसी राहुल गांधी द्वारा किए गए वादे और भाषण को याद दिलाने के लिए कलावती मंगलवार को दिल्ली में थी।

कलावती ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मैं राहुल गांधी को उनके वादे याद दिलाने आई हूं। जो उन्होंने मुझसे किए थे। आज भी मैं बगैर घर के अपनी जिंदगी गुजार रही हूं। उसने ये भी कहा कि अब तक मेरे में कोई स्वास्थ्य चिकित्सा के लिए अस्पताल तक नहीं है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने मई 2008 में कलावती के घर में रात बिताई था जहां वो खुद अपने 9 बच्चों के साथ रहती है।


बिग बी, ऐश, सचिन, अमर सिंह को बेची जमीन में घपला :

मुंबई।, 10 June, 2009

अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, अमर सिंह और सचिन तेंदुलकर जैसे नामी-गिरामी लोगों को करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम बेचने का आरोप लगा है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। नंदुरबार और धुले में आदिवासियों की जमीन फिल्मी हस्तियों और क्रिकेटरों को बेचने का मामला उछाला गया। हालांकि इस मामले की जांच के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। लेकिन विवाद इतने से ही नहीं सुलझा।

दरअसल ये जमीन सुजलॉन कंपनी को महाराष्ट्र सरकार ने बहुत कम कीमत पर दी थी। सुजलॉन ने यहां पर विंड मिल शुरू किए। विपक्ष का आरोप है कि कंपनी ने इसकी आड़ में करोड़ों की जमीन बेच दी। लेकिन सरकार को इसमें कोई घोटाला नजर नहीं आता।

फिलहाल मामला ठंडा होने को तैयार नहीं है और सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। जिन नामचीन हस्तियों के नाम इस मामले में उछले, वो इससे कन्नी काट चुके हैं। सवाल ये है कि क्या सरकार कुछ लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।


Reference: http://khabar.josh18.com

अप्रवासी भारतीयों को झांसा नहीं दे सकेंगे बिल्डर :

लखनऊ, 10 June, 2009

प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को भी कोई बिल्डर किसी तरह का झांसा न दे सके। धोखा-धड़ी करने वाले बिल्डरों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार नए सिरे से नियम-कानून बना रही है। फिलहाल सभी बिल्डरों के लिए संबंधित अभिकरणों से पंजीकरण के साथ ही खुद की वेबसाइट को अनिवार्य बनाया जा रहा है। वेबसाइट पर गलत सूचना को संज्ञेय अपराध मानने हुए बिल्डरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की व्यवस्था की जा रही है।

गौरतलब है बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए बड़ी संख्या में बिल्डर (विकासकर्ता या निर्माणकर्ता) भवन-भूखंड व फ्लैट विकसित कर रहे है। प्रदेश में अभी बिल्डरों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता नहीं है जिससे धोखा-धड़ी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में कई बिल्डर न केवल यहां के निवासियों को बल्कि विदेश में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों को भी झांसा देने में पीछे नहीं है। इस संबंध में केंद्र सरकार के प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय को अप्रवासी भारतीयों की लगातार शिकायतें मिल रही है कि कई बिल्डरों ने संपत्ति खरीदते वक्त बताया कुछ और किया कुछ। कई मामलों में बिल्डरो ने न समय से संपत्ति का कब्जा दिया है और न ही मानकों के मुताबिक निर्माण किया।

इसको देखते हुए मंत्रालय के संयुक्त सचिव डीएन श्रीवास्तव ने मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता को पत्र लिखा है। पूछा है कि अप्रवासी भारतीयों के साथ कोई बिल्डर किसी तरह की धोखा-धड़ी न कर सके इसकी क्या व्यवस्था है? एक आम आदमी बिल्डरों के बारे में पूरा ब्यौरा कहां से प्राप्त करे? संपत्ति संबंधी विवादों के त्वरित निस्तारण की क्या व्यवस्था है? चूंकि इस संबंध में अभी कोई खास व्यवस्था नहीं है इसलिए राज्य सरकार अब फटाफट नए सिरे से नियम-कानून बना रही है। बताया जाता है कि संपत्ति खरीदने वालों के हितों के लिए राज्य सरकार नेशनल कैपिटल टेरेटरी दिल्ली के द रियल इस्टेट मैनेजमेंट (रेगुलेशन एंड मैनेजमेंट) बिल-2001 तथा हरियाणा के रेगुलेशन आफ प्रापर्टी डीलर्स एंड कंसल्टेंट्स अधिनियम की तरह यहां भी व्यवस्था करने पर गंभीरता से विचार कर रही है जिससे कि भवन-भूखंड खरीदने-बेचने में आम आदमी को संदिग्ध बिल्डर एवं बिचौलियों की धोखा-धड़ी से बचाया जा सके तथा बेनामी लेन-देन पर अंकुश लग सके।

चूंकि इस तरह का कानून बनाने में वक्त लगेगा इसलिए फिलहाल बिल्डरों व प्रापर्टी डीलर्स के लिए संबंधित अभिकरण में पंजीकरण के साथ ही खुद की रजिस्टर्ड वेबसाइट खोलने को अनिवार्य बनाने की तैयारी है। बिल्डरों के लिए जरूरी किया जा रहा है कि वे वेबसाइट पर 15-15 दिन के अंतराल में अपनी योजनाओं के अलावा भवन-फ्लैट के निर्माण की स्थिति का पूरा ब्योरा अपडेट करे। इस तरह की सूचना में कोई बदलाव न कर सकें इसके लिए बिल्डर को लोडेड सूचना की हार्ड कापी 15 दिन में अभिकरण को देनी होगी। बिल्डर की वेबसाइट, विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद की वेबसाइट से लिंक रखी जाएगी जो कि आवास बंधु से जुड़ी होगी। बिल्डर कहीं गलत सूचना तो नहीं दे रहा है इसके लिए संबंधित अभिकरण की जिम्मेदारी होगी कि वह 15 दिनों के अंतराल पर उसका स्थलीय सत्यापन और औचक निरीक्षण करे। ऐसी व्यवस्था रखी जा रही है कि गलत सूचना देने को संज्ञेय अपराध मानते हुए बिल्डर को दंडित किया जा सके। अपार्टमेंट एक्ट में अपार्टमेंट ओनर्स की समस्या के निस्तारण के लिए शासन द्वारा आथारिटी की नियुक्त की व्यवस्था है। इस आथारिटी को एनआरआई के मामलों में भी सुनवाई का अधिकार देने की भी बात है। मंत्रालय इस संबंध में राज्य से मिलने वाली पूरी जानकारी खुद की वेबसाइड पर भी लोड करेगी। संयुक्त सचिव का कहना है कि मंत्रालय इस बारे में अगले माह राष्ट्रीय स्तर पर एक सेमिनार कर सकता है।


Reference: http://in.jagran.yahoo.com/

Bharat Ratna Baba Saheb