हिन्दी समाचार
  • सतारा के साहित्य सम्मेलन से बाहर निकाले गए दो दलित लेखक
    महाराष्ट्र के सतारा में दो दलित लेखकों को एक साहित्य सम्मेलन से अपमानित कर सिर्फ इसलिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि इन लेखकों के भाषणों से मराठा समुदाय से जुड़े कुछ संगठन नाराज हो गए थे। घटना, सतारा के पाटन की है जहां महाराष्ट्र साहित्य परिषद की ओर से दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का आयोजन ...
  • गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुस्लिमो को मारना भाजपा को भारी पड़ने लगा| दलित मुस्लिम एक हुये
    यूपी में गोरक्षा के मुद्दे ने दलितों और मुस्लिमों को गोलबंद कर दिया है जिसका फायदा बीएसपी को आने वाले चुनाव में मिल सकता है। यूपी में दलित और मुस्लिम वोटर्स एक नए चुनावी समीकरण के तौर पर उभर रहे हैं। बीजेपी यूपी में अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी बीएसपी के दलित वोट में सेंध लगाने की ...
  • सहारनपुर: यहां पुलिस के डर से जंगलों में रात बिता रहे हैं दलित!
    15 अगस्त के बाद से सहारनपुर के उसंद गांव के दलित समुदाय के लोग पास के जंगल में रात गुजार रहे हैं। गांव की दलित महिलाएं रात भर देखा करती हैं कि कहीं पुलिस की जीप तो नहीं आ रही है। पिछले एक हफ्ते में तीन दलितों की कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती की ...
  • ABP-नीलसन सर्वे : 2017 में बसपा बनाएगी उत्तर प्रदेश में सरकार
    एबीपी न्यूज ने कल आपको यूपी का ओपिनियन पोल दिखाया था जिसमें बीएसपी सरकार बनाने के करीब नजर आ रही थी. सत्ताधारी समाजवादी पार्टी सर्वे में तीसरे नंबर पर थी. आज एबीपी न्यूज के ओपिनियन पोल की गूंज यूपी में सुनाई दी. देखिए सर्वे पर पार्टियां क्या कह रही हैं? आगरा में अखिलेश यादव अपने ...
  • आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश
    बहन मायावती जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की देशद्रोह की धारा में गिरफ्तारी की निंदा की है। बहन मायावती जी ने यहां जारी एक बयान ...
  • ‘ब्लॉक प्रमुख चुनावों में सपा ने खूब की गुंडई, अपहरण भी कराए’: बहन मायावती जी
    बहन मायावती जी ने यूपी में सत्तारूढ़ सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन जी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में ये आरोप लगाए। बहन जी ने इस बैठक में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधान आदि चुनावों की तरह ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा के लोगों ने जमकर ...
  • बीबीएयू में पीएम का विरोध, दूसरे स्टूडेंट्स ने मांगी माफी
    बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी यानी बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में आए पीएम नरेंद्र मोदी का कुछ छात्रों द्वारा विरोध किए जाने को लेकर यूनिवर्सिटी के दूसरे स्टूडेंट्स ने पीएम से माफी मांगी है। माफीनामे पर बड़ी संख्या में छात्रों ने दस्तखत किए और सोमवार शाम इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दिया गया। कैंपस में ...
  • JNU के 9 और स्टूडेंट्स ने लगाए भेदभाव के आरोप
    एक रिसर्च स्टूडेंट द्वारा पत्र लिखकर भेदभाव का आरोप लगाने के बाद मंगलवार को स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज के 9 और स्टूडेंट्स सामने आए और सभी ने कहा कि उन्हें उनकी कास्ट को लेकर जेएनयू में हैरस किया जाता है। ये सभी एससी/एसटी या ओबीसी कैटिगरी से हैं। इन 9 स्टूडेंट्स का आरोप है कि ...
  • वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन
    रिसर्च स्टूडेंट रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद 17 जनवरी को शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहकर पूरे देश में फैलेगा। जेएनयू और डीयू सहित नौ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि अभी कैंपस में हैं और उन्होंने एक नैशनल जेएसी बनाई है ताकि वेमुला की खुदकुशी के मामले में कार्रवाई के लिए ...
  • सपा सरकार मे यहां दलितों पर टूट रहा दबंगों का कहर, पानी पीने नहीं देते, खिलाते हैं मलमूत्र
    झांसी. हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्‍टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड किए जाने का मामला पूरे देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ | हम वो 10 मामले बताने जा रहा है, जो दलितों के साथ होने वाले अत्‍याचार को बयां करते हैं। आगे पढ़िए, कौन से हैं 10 मामले… पहला मामला: 20 जनवरी 2016 बांदा के ...
Manyawar Shir Kanshi Ram Ji
Power of Uttar Pradesh
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हिन्दी समाचार :


श्री स्वामी प्रसाद मौर्य फिर बने मंत्री

लखनऊ, 16th Nov, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को पुन: शामिल कर लिया। राजभवन में पूर्व निर्धारित समय शाम छह बजे गांधी सभागार में एक सादे समारोह में राज्यपाल बीएल जोशी ने श्री मौर्य को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। श्री मौर्य के शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री मायावती को मिलाकर मंत्रिमंडल के कुल सदस्यों की संख्या 53 पहुंच गयी, जिसमें 32 काबीना, 13 राज्यमंत्री और सात राज्यमंत्री हैं।

Reference: jagran

विद्युतीकरण में सूबे से सौतेला व्यवहार कर रहा केंद्र: ऊर्जामंत्री श्री रामवीर उपाध्याय, उ. प्र.

लखनऊ, 15th Nov, 2009

ऊर्जामंत्री श्री रामवीर उपाध्याय ने केंद्र सरकार पर विद्युतीकरण में सूबे से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मजरों के विद्युतीकरण सहित कोल ब्लाक आवंटित करने, पारेषण कारीडोर उपलब्ध कराने व यूआई चार्ज यथावत रखने की मांग की है।
लखनऊ में जारी सरकारी प्रेस नोट के अनुसार केंद्रीय ऊर्जा मंत्री द्वारा राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों की दिल्ली में बुलायी गई बैठक में उपाध्याय ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजना के तहत 56 जिलों के मजरों के विद्युतीकरण के लिए 6937 करोड़ रुपये की योजना ग्रामीण विद्युतीकरण निगम को भेजी गई है। उन्होंने आपत्ति जतायी कि केंद्र सरकार ने सिर्फ सुल्तानपुर व रायबरेली के मजरों की ही योजनाएं स्वीकृत की हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 23 जून की बैठक में भी उन्होंने बिजली आवंटन का फार्मूला बदलने, तीन हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली देने सहित कई निवेदन किए थे लेकिन अब तक उन पर कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ अतिरिक्त बिजली नहीं दी जा रही है और दूसरे प्रदेश से बिजली खरीदने पर कारीडोर नहीं दिया जाता। मजबूरी में ओवरड्राल करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
उपाध्याय ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान तीन-तीन राज्य व निजी क्षेत्र की 4090 मेगावाट की बिजली परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में 20 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं राज्य क्षेत्र व आईपीपी के माध्यम से प्रस्तावित हैं जिसके लिए तीन कोल ब्लाक तत्काल आवंटित किए जाएं। उपाध्याय ने कहा कि 600 मेगावाट क्षमता की रोजा पावर कंपनी बिजली उत्पादन को तैयार है लेकिन कोल इंडिया लि. ने कोयले की आपूर्ति पर सहमति नहीं दी है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा परियोजना के लिए तत्काल कोयले की आपूर्ति शुरू करायी जाए। मंत्री ने मजरों के विद्युतीकरण की परियोजना को मंजूर करने, यूआई चार्जेज की दर यथावत रखने तथा अन्तर्राज्यीय विद्युत पारेषण कारीडोर का विस्तार करने के साथ ही राज्यों की विद्युत कंपनियों को प्राथमिकता पर कारीडोर उपलब्ध कराने की मांग उठायी।

Reference: jagran

मुख्यमंत्री मायावती जी विकास कार्यो की प्रगति से सन्तुष्ट नहीं

लखनऊ।, 11th Nov, 2009

मुख्यमंत्री मायावती विभिन्न विभागों, खासकर अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति से सन्तुष्ट नहीं हैं। उन्होंने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को खुद मौके पर जाकर योजनाओं की समय बद्धता व गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि शिथिल व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।
बुधवार को कैबिनेट सचिव, अपर कैबिनेट सचिव तथा मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों के साथ मासिक समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को समीक्षा के निष्कर्षो से अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने निर्देश दिया कि डा.अम्बेडकर ग्रामसभा विकास योजना में चयनित गांवों में सभी विकास कार्य 31 दिसम्बर तक पूरे कर लिये जाएं। उन्होंने विकास कार्यों में लापरवाही पाये जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिथिल अधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने की प्रगति सन्तोषजनक न होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के बारे में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि निर्मित भवनों काआवंटन 31 दिसम्बर तक कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने पूर्व दशम छात्रवृत्ति के वितरण पर भी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि जिलाधिकारियों से यह प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए कि लाभार्थी छात्र को पैसा वास्तव में मिल गया है। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन की समीक्षा करते हुए बल दिया कि तहकीकात की जाये कि सिर्फ पात्र लोगों को ही लाभ मिल सके। उन्होंने निर्माण कार्यों के ठेकों में आरक्षण का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने मण्डलायुक्तों को निर्देश दिया कि परीक्षा केन्द्रों में बदलाव केवल जिला स्तरीय समिति की संस्तुति पर ही किया जाए। उन्होंने सर्वजन हिताय गरीब आवास मालिकाना हक योजना में स्लम बस्तियों के चिन्हिकरण की शिथिल प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त अपने -अपने मण्डलों में जमीन चिन्हित कर लें। यदि जमीन किसी विभाग से संबंधित है तो उससे भी चर्चा कर ली जाए। सिनेमाघरों के बन्द होने से सरकार को मनोरंजन कर राजस्व नहीं प्राप्त हो पा रहा है। मण्डलायुक्त मालिकों से वार्ता कर बन्द सिनेमाघरों को खुलवाने का प्रयास करें।

Reference: jagran

सपा, भाजपा का पत्ता साफ कांग्रेस की इज़्ज़त बची, ब स प ने सफ़ाया किया उप चुनाव में.

नई दिल्ली, 3rd Nov, 2009

उ प्र के उपचुनाव मे ११ मे से ९ सीटे बसपा ने जीती | उ प्र की जनता ने मीडिया के मूह पर तमाचा जाड़ा | जी हा ११ मे ९ सीटो पर उ प्र. की जनता बसपा को जिताया है| बसपा के खिलाफ मीडिया और विरोधी पार्टी के द्वारा चलाए जा रहे अभियान का यहाँ की जनता ने करारा जबाब दिया है| कॉंग्रेस के यौवराज का भी कोई जादू नही चला बा मुस्किल से एक शीट ही निकाल पाई
मीडिया को भी सोचना चाहिए की शिरफ़ मनुवादी सोच की बजाह और औ भगत ना मिलने से कोई पार्टी जनता विरोधी नही हो जाती| जनता ने इस उप चुनाव से बसपा की नीतिओ को सराहा है मीडिया के द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार को भी नकार दिया है
जीतने बाले विधायक इस प्रकार है
रारी: राजदेव सिंह, इसौली: चंद्रभद्रा सिंह, झाँसी: कैलाश साहू, ललित पूर: श्रीमती सुमन कुशवाह, इटावा: महेंद्र सिंह, पडरौना: स्वामी प्रसाद मौर्या, हैंसर बाज़ार: दशरत प्रसाद चौहान, भारथना: शिव प्रसाद यादव

अमर सिंह के खिलाफ वारंट जारी : तीसहजारी कोर्ट दिल्ली

नई दिल्ली, 3rd Nov, 2009

एक मामले की सुनवाई के दौरान बतौर गवाह कोर्ट में पेश न होने पर सपा महासचिव अमर सिंह के खिलाफ तीसहजारी कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। वहीं, कोर्ट में पेश न होने पर पिछले दिनों उन पर लगाया गया पांच हजार रुपया हर्जाना कोर्ट में जमा करा दिया गया है। मुख्य गवाह के बार-बार पेश न होने पर आरोपी ने अर्जी दायर कर बरी किए जाने की मांग की है। कोर्ट में अमर सिंह की पीए व एक अन्य गवाह के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब इस मामले में 22 दिसंबर को सुनवाई होगी।
ज्ञात हो कि अमर सिंह द्वारा दायर किए गए धोखाधड़ी के एक मामले में बयान देने के संबंध में हाजिर होने पर नाकाम रहने के चलते बीस फरवरी को कोर्ट ने उन पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगा दिया था। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने हर्जाना हटाने से इनकार करते हुए उनकी पीए गीतांजलि दत्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
मुख्य महानगर दंडाधिकारी कावेरी बावेजा की अदालत में मंगलवार को अमर सिंह को बतौर गवाह पेश होना था, परंतु उनकी तरफ से अर्जी दायर कर पेशी से छूट मांगी गई गई। कोर्ट को बताया गया कि वह फिरोजाबाद में पार्टी उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। इससे पहले दो बार वह स्वास्थ्य आधार पर पेशी से छूट ले चुके हैं। आरोपी की तरफ से अर्जी दायर कर दलील दी गई कि जिसकी शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था वह गवाही के लिए पेश नहीं हो रहा है। ऐसे में उसे बरी कर दिया जाना चाहिए।
सरकारी वकील नवीन कुमार ने दलील दी कि गवाह अमर सिंह आपराधिक प्रक्रिया का मजाक बना रहे हैं। वह मामले का मुख्य गवाह हैं और इतने मौके मिलने पर भी पेश नहीं हो रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने अमर सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आठ अगस्त 2008 को अपने एक आदेश में कोर्ट ने कहा था कि सबसे पहले इस मामले में मुख्य गवाह अमर सिंह के बयान दर्ज किए जाएंगे। वह बार-बार मौका मिलने पर भी पेश नहीं हो रहे हैं। ऐसे में अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर लिए जाने चाहिए। कोर्ट की सहमति से आरोपी बरुण कुमार वर्मा के मकान मालिक अजय सेठ व अमर सिंह की पीए गीतांजलि दत्ता के बयान दर्ज कर लिए गए।
पेश मामले में चार जून 2007 को अमर सिंह ने स्पेशल सेल को शिकायत कर बताया था कि बरुण कुमार वर्मा नामक एक व्यक्ति ने उसे फोन कर अपने को कानून व न्याय मंत्रालय का लॉ अधिकारी बताया था। उसने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एलआर लक्ष्मणन को घूस देकर मुलायम सिंह व उसके परिजनों के खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्तिके मामले में उनको लाभ पहुंचवा सकता है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये घूस देनी होगी।

Reference: jagran

केंद्र ने की गन्ना किसानों के हितों की अनदेखी: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ, 30th Oct, 2009

मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार पर गन्ना किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है, जिसमे गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य व राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य की अंतर मूल्य धनराशि राज्य सरकार द्वारा वहन करने की व्यवस्था पर पुनर्विचार के साथ ही एसएपी आधारित गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था यथावत रखने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार द्वारा एसएपी निर्धारित करने के अधिकार को उच्चतम न्यायालय के निर्णयानुसार मान्यता प्राप्त है। केन्द्र सरकार ने एफआरपी से संबंधित संशोधन करने से पहले प्रदेश सरकार को विश्वास में लेने की आवश्यकता नहीं समझी। उत्तर प्रदेश के लगभग 40 लाख गन्ना किसानों के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। विगत वर्षो की फसल मूल्य नीति के कारण ही प्रदेश में गन्ना क्षेत्र व उत्पादन तथा चीनी उत्पादन में निरंतर कमी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पेराई सत्र के लिए केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एफआरपी से प्रदेश के किसानों में रोष है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेराई सत्र 2009-10 के लिए केन्द्र सरकार ने 9.50 प्रतिशत रिकवरी के आधार पर 129.86 रुपये प्रति कुन्तल एफआरपी निर्धारित की है। पेराई सत्र 2008-09 तक एसएमपी 9 प्रतिशत रिकवरी पर आधारित होती थी। 9 प्रतिशत रिकवरी के आधार पर सत्र 2009-10 हेतु एफआरपी मात्र 123 रुपये प्रति कुन्तल आंकलित होती है, जबकि राज्य सरकार ने गन्ने की सामान्य प्रजाति के लिए 165 रुपये तथा अगैती प्रजाति के लिए 170 रुपये प्रति कुंटल एसएपी घोषित की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के निर्बल वर्गो को सस्ती दर पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए चीनी मिलों से लेवी दर पर चीनी प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि सीमित लेवी कोटा की चीनी मूल्य के लिए सभी गन्ना किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य न दिया जाना अनुचित है।

Reference: jagran

मनमोहन सिंह और सोनिया की छात्र छाया मे केंद्र के दूरसंचार मंत्री ने ६०००० करोड़ का घपला किया

लखनऊ, 22nd Oct, 2009

2जी स्पैक्ट्रम आवंटन मे सारे नियम क़ानून को तक मे रख कर पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर कुछ खास कंपनीज़ को फ़ायदा पहुचाने के लिए बिना बोली लगाय अपनी मर्ज़ी से २००८ मे २००१ के हिसाब आबंटित कर दी जिससे करीब ६०००० करोड़ का नुकसान दूरसंचार हुआ है|
यही नही दूरसंचार मंत्री ने कहा है की इस सब की जानकारी प्रधानमंत्री जी को भी थी| इसी आधार पर पिछले दिन सी बी आई ने दूरसंचार मंत्री के ऑफीस मे छापा मारा |

सुदृढ़ होगा प्रदेश का पुलिस बल: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ, 22nd Oct, 2009

प्रदेश सरकार पुलिस विभाग को और सुदृढ़ कर रही है। आधुनिकीकरण व संसाधनों पर विशेष व्यय के अलावा बड़े पैमाने पर भर्तियां भी की जा रही हैं। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को पुलिस लाइन में समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी मंशा इसी तरह से जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शहीदों ने अपने बलिदान से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है उनके परिवारी जन को शासन स्तर से जो भी सहायता देय थी, उसे प्राथमिकता के आधार पर दिया गया है और जो भी समस्या होगी उनका निदान पुलिस व प्रशासन द्वारा शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर अविलम्ब किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वीरता और सेवा भावना से कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष 49 पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह और 192 को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह दिया जा चुका है। चित्रकूट में घनश्याम केवट के साथ मुठभेड़ में मारे गए दल नायक बेनी माधव सिंह और आरक्षी शमीम अली को मरणोपरांत उत्कृष्ट सेवा पुलिस मेडल दिया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय और अपराध मुक्त वातावरण बनाने में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है।
यहां बने शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट सचिव शशांक शेखर, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह समेत अन्य अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। पुलिस बल ने शहीदों को सलामी दी और शोक प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री को परेड द्वारा सलामी दी गई और इसके बाद शहीद पुलिस पुस्तिका पूरे सम्मान के साथ उनके पास लाई गई। मुख्यमंत्री ने शहीद पुस्तिका को सलामी मंच प्रतिस्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष शहीद हुए छह पुलिसकर्मियों की पत्नियों को एक-एक शाल व दो हजार रुपये नकद देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह की पत्नी संतोष देवी, आरक्षी शमीम अली की पत्नी फरमाना, आरक्षी इकबालुद्दीन की पत्नी नसीम बानो, आरक्षी वीर सिंह निरंजन की पत्नी राम कुमारी, फायरमैन हरिलाल की पत्नी माती देवी और फायरमैन अजय कुमार की पत्नी माया सिंह शामिल थीं।
इस मौके पर आयोजित परेड की कमान लखनऊ के डीआईजी प्रेम प्रकाश ने सम्भाली। मुख्यमंत्री के सम्बोधन से पहले पुलिस महानिदेशक करमवीर सिंह ने पिछले एक वर्ष के दौरान शहीद होने वाले सभी 107 पुलिसकर्मियों के नाम बताये। परेड में पीएसी 35वीं वाहिनी, 32वीं वाहिनी और 11वीं वाहिनी की टुकड़ियों के साथ पुलिस के विभिन्न विभागों की कुल 18 टुकड़ियां शामिल हुईं।
स्मृति दिवस पर सशस्त्र सीमा बल ने लखनऊ में इस अवसर पर मोहनलालगंज स्थित 39वीं रिजर्व वाहिनी में दिवस का आयोजन किया। यहां बल के महानिरीक्षक अनिल अग्रवाल ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए। ऐसे ही केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के बिजनौर स्थित कार्यालय में शहीद दिवस मनाया गया।

Reference: jagran

सपा के अमर और अमिताभ बच्चन ने ५०० करोड़ रु. का घपला किया|

लखनऊ, 16th Oct, 2009

कानपुर के ढकनापुरवा निवासी शिवाकांत त्रिपाठी ने गत 15 अक्टूबर को अमर सिंह के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में धोखाधड़ी, मनी लाण्डरिंग एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें अमर सिंह की पत्नी व फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का भी नाम आया। बाबूपुरवा थाने में अपराध संख्या 458/09 में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 3/7 मनी लॉण्डरिंग, 7/8/9/10/13 व प्राविंशियल करप्शन एक्ट धाराओं में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया कि उप्र औद्योगिक विकास परिषद के चेयरमैन रह चुके अमर ने वर्ष 2003 से 2008 के बीच योजनाबद्ध तरीके से 6 फर्मे खोली। इन फर्मों में छोटी-बड़ी करीब 43 कम्पनियों का गैरकानूनी तरीके से विलय कर दिया जिसमें करीब 500 करोड़ रुपये का घपला किया गया। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि अमर ने चुनाव के दौरान अपने को 40 करोड़ रुपये की सम्पत्ति का मालिक बताया, जबकि तब वे कई कम्पनियों के मालिक थे और उनके इनकम टैक्स रिटर्न और स्टेटमेंट में भी भारी अन्तर है।

कमजोरों को मानवर कांशीराम जी ने दी ताकत:मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ, 10th Oct, 2009

बसपा संस्थापक कांशीराम को उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बसपा प्रमुख मायावती मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ बहुजन समाज प्रेरणा केंद्र, सामाजिक परिवर्तन स्थल, कांशीराम स्मारक स्थल में कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कांशीराम दलितों की मजबूत आवाज बन कर उभरे और एक सोती हुई कौम को जगाकर उसे सत्ता के केंद्र तक पहुंचाया।
बसपा प्रमुख ने कहा कांशीराम की वैज्ञानिक सोच व राजनीतिक कौशल का ही नतीजा है कि बसपा देश के सबसे बड़े राज्य में 10 वर्ष में चार बार सत्ता में आई। कांशीराम ने दलित, शोषित एवं कमजोर वर्ग में जागरुकता पैदा करने के लिए पूरे देश का भ्रमण किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर के रुके कारवां को आगे बढ़ाने में कांशीराम का अद्वितीय योगदान अविस्मरणीय है। उनके बताये रास्ते पर चलकर ही इस बार बसपा ने उत्तर प्रदेश में अकेले अपने बूते पर सरकार बनाई। बसपा प्रमुख ने कांग्रेस की इसके लिए आलोचना की कि 2006 में कांशीराम के निधन पर केंद्र सरकार ने एक दिन राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया।
इस मौके पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्र, पंचायतीराज मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, नगर विकास मंत्री नकुल दुबे, ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय, स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अब्दुल मन्नान, कैबिनेट सचिव शशांक शेखर, मुख्य सचिव अतुल गुप्त, अपर कैबिनेट सचिव विजय शंकर पांडेय, कृषि उत्पादन आयुक्त वीके शर्मा, डीजीपी कर्मवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों का काफी नुकसान किया: मुख्यमंत्री मायावती जी

लखनऊ, 08th Oct, 2009

बसपा प्रमुख मायावती ने नागपुर में चुनावी जनसभा में कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषरूप से मुसलमानों का बहुत नुकसान किया। लखनऊ में पार्टी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार बसपा प्रमुख ने कहा कि बसपा गैर बराबरी वाली समाजिक व्यवस्था बदलकर समतामूलक समाज की व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास करेगी और विदर्भ क्षेत्र का ध्यान रखेगी। इसके लिए विकास प्राधिकरण बनाएगी और शिक्षा तथा रोजगार को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि अंग्रेज जब देश छोड़कर गये थे तब देश की नौकरियों में 35 प्रतिशत मुस्लिम थे, अब उनकी संख्या एक डेढ़ प्रतिशत ही रह गई है। ऐसी स्थिति उत्पन्न होने के लिए मायावती ने कांग्रेस को जिम्मेदार बताया क्योंकि आजादी के बाद अनेक वर्षों तक कांग्रेस ही सत्ता में रही है। इसलिए यदि सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी कम हुई तो इसके लिए सिर्फ कांग्रेस ही जिम्मेदार है।
मायावती ने कांग्रेस और भाजपा को पूंजीपतियों की पार्टी बताते हुए कहा कि यह दोनों पार्टियां धन्नासेठों की मदद से सत्ता हासिल करती रही हैं। इसका पुख्ता सबूत केन्द्र पर काबिज कांग्रेस की सरकार है, जिसने लोकसभा चुनाव के पहले वोट पाने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम कम करा दिये और सत्ता में आते ही फिर उसके दाम बढ़ा दिये। उन्होंने नागपुर के लोगों से यह वायदा भी किया कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार पीडि़तों की रक्षा करेगी। मायावती ने सामाजिक परिवर्तन लाने वाले महापुरुषों के स्मारक बनाकर उन्हें सम्मान देने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऐसे प्रयासों से विरोधी पार्टी के लोग तिलमिला गये हैं और कोर्ट कचेहरी का सहारा लेकर इसके विरोध में उतर आये हैं।

यूपी में अनुसूचित से शादी पर अब 50 हजार रुपये मिलेंगे

लखनऊ, 08th Oct, 2009

अनुसूचित जाति वर्ग से शादी करने पर 50 हजार रुपये मिलेंगे। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री मायावती की मंजूरी बाकी है।किसी खास मौके पर सरकार इसकी घोषणा करेगी। राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति को दस हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान करती है। शर्त यह रहती है कि वर या वधू कोई भी एक अनुसूचित जाति का हो। 10 हजार की इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार करने का प्रस्ताव किया गया है। इस मद में आधी राशि की प्रतिपूर्ति के लिए केंद्र ने सहमति भी दे दी है। प्रस्ताव स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री को भेजा गया है। उनका अनुमोदन मिलते ही इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा। वर्ष 1976 में अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू की गयी थी। इसमें 10 हजार रुपये के साथ ही मुख्यमंत्री या राज्यपाल का प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है। अंतर्धार्मिक विवाह की स्थिति में शादी से पहले दोनों पक्ष का अलग-अलग धर्म अथवा समुदाय का होना जरूरी है। पुरस्कृत दंपति को आवेदन करने पर लघु उद्योग की स्थापना के लिए 15 हजार रुपये का ब्याज मुक्त ऋण ऋण तथा मकान बनाने हेतु भूमि के आवंटन में प्राथमिकता भी दी जाती है।

कॉंग्रेस के यौवराज ने चुनाव आचार साहिता की धज्जिया उड़ाई

महाराष्ट्र, 08th Oct, 2009

महाराष्ट्र चुनाव मे एक चुनावी सभा मे राहुल ने अस्पताल के पास तेज आवाज़ मे लौडस्पीकर से भाषाण दिया| उन्होने ने एक बार भी नही सोचा की पास के अस्पताल मे कई मरीज अपनी जिंदगी से लड़ रहे है बस उनको तो शिरफ़ पाने बोट की चिंता थी|

कोर्ट की अवमानना नहीं की: सतीश चंद्र मिश्र

लखनऊ।, 07th Oct, 2009

बसपा महासचिव और राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र का दावा है कि लखंनऊ में स्मारकों के निर्माण प्रकरण में उत्तार प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरश: पालन किया है। कोर्ट की रोक के बाद उन स्थलों पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ, जो संबंधित याचिका में शामिल हैं। सरकार कोर्ट के सामने दोबारा सारे तथ्य रखकर यह बात साबित कर देगी।
बुधवार को लखनऊ में पत्रकार वार्ता के दौरान मिश्र ने कहा कि इस प्रकरण में कोर्ट में हुई बहस के अंशों के आधार पर मीडिया में खबरें प्रकाशित हुई हैं। बहस के दौरान कोर्ट की टीका-टिप्पणी को आदेश नहीं माना जाता। लिखित निर्देश ही आदेश होता है। उन्होंने प्रकरण में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पारित अंतरिम आदेश की छायाप्रति संवाददाताओं को वितरित करके दावा किया कि इस आदेश में वे ज्यादातर बातें नहीं हैं, जो प्रकाशित खबरों के जरिए सामने आई हैं। मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश और इसे लेकर मुख्य सचिव की ओर से दाखिल अंडरटेकिंग व शपथपत्र का पालन करने को बाध्य एवं तैयार है।
उन्होंने कहा कि चार नवंबर को मुख्य सचिव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर वास्तविक तथ्य प्रस्तुत करेंगे। जिनसे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मिश्रा ने कहा कि कोर्ट की बहस के अंशों के आधार पर विपक्षी दलों के नेता मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री के बारे में ऊल-जुलूल टिप्पणियां कर रहे हैं। यह मुख्यमंत्री की मानहानि और कोर्ट की अवमानना है। सरकार ऐसे मामलों में जरूरी कार्रवाई करेगी। मिश्र ने इस दौरान विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। कहा कि बसपा सरकार पर संवैधानिक व्यवस्था के उल्लंघन का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस नेतृत्व को 1984 के सिख दंगे और 1992 के बाबरी ध्वंस सहित वे तमाम प्रकरण याद कर लेने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह के कार्यकाल में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों की पिटाई और हिंसा हुई थी। तब सरकार को संविधान याद क्यों नहीं आया। उन्होंने कहा कि दलित महापुरुषों की स्मृति में बनवाए जा रहे स्मारकों पर होने वाला व्यय राज्य सरकार के कुल बजट का एक फीसदी भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बसपा शासनकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए आवंटित बजट पिछली सरकारों के शासनकाल के मुकाबले दोगुना या इससे भी अधिक है।

अंबेडकर गांवों को 27 अरब की योजनाएं मंजूर

लखनऊ।, 04th Oct, 2009

अंबेडकर गांवों के लिए प्रदेश सरकार ने 27 अरब रुपये से ज्यादा लागत की कार्य योजनाएं मंजूर की हैं। डा.अंबेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चयनित इन गांवों के लिए सशर्त मंजूर कार्य योजनाओं को चालू वित्तीय वर्ष में ही अमली जामा पहनाया जाएगा। इसके लिए धन की उपलब्धता संबंधित प्रशासनिक विभाग को खुद सुनिश्चित करनी होगी।
डा.अंबेडकर ग्राम सभा विकास विभाग द्वारा संबंधित प्रमुख सचिवों के अलावा सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को शासनादेश जारी किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में 2195 डा.अंबेडकर गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों के समग्र विकास के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्य योजनाएं तैयार कर डा.अंबेडकर ग्राम सभा विकास विभाग को भेजी गई थीं। कुल 27 अरब 31 करोड़ 29 लाख रुपये की कार्य योजनाओं को सरकार ने अब सशर्त अनुमोदन प्रदान किया है।
जिन कार्य योजनाओं को मंजूरी दी गई है, उनमें 848.57 करोड़ रुपये से चयनित अंबेडकर गांवों के संपर्क मार्गो का निर्माण होना है। इनमें 1942 किमी संपर्क मार्ग में मिट्टी, 3763 किमी में गिट्टी तथा 3011 किमी में लेपन का कार्य होगा। इसी तरह 886.31 करोड़ रुपये से 4243 किमी सीसी रोड तथा 192.29 करोड़ रुपये से केसी ड्रेन बनाए जाएंगे। चयनित गांवों के विद्युतीकरण पर 258.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन गांवों के लगभग 2.43 लाख परिवारों को 104.66 करोड़ रुपये से स्वच्छ शौचालय मुहैया कराए जाएंगे। गांवों में स्वच्छ पेयजल के लिए 31.11 करोड़ रुपये से 7696 हैडपंप लगाए जाएंगे।

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