हिन्दी समाचार
  • मंदिर से मेरे आने के बाद मूर्ति को धुलवाया गयाः मुख्यमंत्री बिहार जीतन राम मांझी
    बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने देश में जाति व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा है कि वह खुद दलितों के प्रति समाज में बरती जा रही अस्पृश्यता और पूर्वाग्रह का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जब वह मधुबनी जिला में एक मंदिर में गए थे, तो उनके वहां से ...
  • स्वामी प्रसाद मौर्य की अपील शादी-विवाह में गौरी-गणेश की पूजा न करें
    बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपील की है कि शादी-विवाह में गौरी-गणेश की पूजा न करें। यह मनुवादी व्यवस्था में दलितों व पिछड़ों को गुमराह कर उनको शासक से गुलाम बनाने की चाल है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में इंसान का स्थान नहीं है। इस धर्म ...
  • दबंगों ने दलित महिला और उसकी दो बेटियों को पीटा, अर्धनग्न हालत में पूरा गांव घुमाया
    दबंग परिवार ने फसल चोरी के आरोप में जानी क्षेत्र के डालूहेडा गांव की एक दलित महिला और उसकी दो बेटियों को मारपीट कर गांववालों के सामने जलील किया। मारपीट के दौरान तीनों के कपड़े फट गए।दबंगों ने अर्धनग्न अवस्था में तीनों को पूरे गांव में घुमाया। ग्रामीण तमाशा देखते रहे। ग्राम प्रधान ने विरोध ...
  • यूपी में सांप्रदायिक कार्ड खेल रही है भाजपा: बहन मायावती जी
    बीएसपी सुप्रीमो बहन मायावती जी ने आज केंद्र सरकार और यूपी सरकार पर जमकर हमला बोला। बहन मायावती जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एनडीए सरकार और यूपी सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों पार्टियां मिलकर यूपी का माहौल बिगाड़ रही हैं। और अपने राजनीतिक फायदे के लिए दंगे करा रही हैं। बहन मायावती ...
  • अब अखिलेश की पुलिस ने चौकी में पिलाया पेशाब
    यूपी के ललितपुर में पुलिस चौकी खिंतवांस में एक ग्रामीण को मानव मूत्र पिलाए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक विजय यादव को जीडीपी कार्यालय लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है, जबकि सीओ महरौनी व आरोपी दरोगा समेत तीन को निलंबित किया गया है। एसपी व सीओ के खिलाफ जहां लखनऊ स्तर से कार्रवाई की ...
  • अखिलेश और मोदी सरकार का बड़ा अचीवमेंट ढाई महीने में 605 सांप्रदायिक दंगे
    उत्तर प्रदेश सांप्रदायिक दंगों से हलाकान है। प्रदेश की कानून व्यवस्‍था चरमरा गई है। प्रदेश सरकार के सवालों से घिरी हुई है। लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से पिछले ढाई महीनों में प्रदेश में 600 दंगे हो चुके हैं। एक पड़ताल में ये बात सामने आई है कि प्रदेश अधिकांश दंगे, उन ...
  • पूंजीपतियों की है मोदी सरकार: बहन मायावती जी
    बीएसपी मुखिया बहन मायावती जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनी सरकार के एक महीने के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के राष्ट्रहित में होने के दावे को खारिज करते हुए उन्हें लोकहित और न्यायहित के खिलाफ बताया है। बहन मायावती जी ने कहा, ‘यदि मोदी सरकार के फैसले राष्ट्रहित में हैं तो फिर वे लोकहित और ...
  • बदायूं कांड: गाँव के यादवो के खौफ और सुरक्षा के अभाव में पलायन को तैयार पीड़ित परिवार
    सामूहिक दुष्कर्म के बाद परिवार की दो बेटियों की हत्या के बाद से बदायूं के कटरा सआदतगंज के पीड़ित परिवार अभी भी भय से नहीं उभर पा रहा हैं। उनकी सुरक्षा में भले ही पुलिस तैनात हो और नेताओं से मिला इंसाफ का भरोसा, लेकिन उन्हें किसी पर भी भरोसा नहीं बचा है। दबंगों का ...
  • बदायूं के बाद एटा मे दो सगी बहानो ने यादवो ने किया गैंग रेप, पुलिस मामला दबाने मे लगी
    उत्तर प्रदेश के एटा में गुरुवार को घर से आटा पिसवाकर पड़ोस के गांव से लौट रही दो बहनों के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया। घटना से पुलिस प्रशासन में हंड़कंप मच गया। पहले तो पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन मामला बढ़ता देख कार्रवाई शुरू कर दी। दबिश देकर तीनों ...
  • बदायूं गैंगरेप ‘दबाने’ के लिए ‘खास’ यादव दरोगा की तैनाती!
    कटरा सआदतगंज के गैंगरेप और दोहरे हत्याकांड में कुछ तो छिपाने की कोशिश हो रही है। उसहैत के थानेदार रहे गंगा सिंह यादव की नई तैनाती सदर कोतवाली में होने के बाद ये सवाल यों ही नहीं उठ रहे हैं। वजह साफ है कि इस चर्चित प्रकरण की जांच सदर कोतवाली से हो रही है। ...
Manyawar Shir Kanshi Ram Ji
Power of Uttar Pradesh
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Shri Chhatrapati Shahu Maharaj : SocialTwist Tell-a-Friend



Shri Chhatrapati Shahu Maharaj (also known as Rajarshi Shahu) (26 June 1874-6 May 1922) was the first Maharaja of the Indian princely state of Kolhapur between 1884 and 1922.
First king in India - implemented Reservation Policy ( Provided 50% Reservation in his state, on 26 July 1902) Revolutionary Legal Reforms. Appealed for caste-free India and abolition of untouchability. Pioneer of Student Hostel Movement for Bahujan Samaj. De-recognized Brahmanical supremacy and Religious bureaucracy of Brahmins. Greatest supporter and sympathizer ofDr. Ambedkar movement. The Pillar of Social Democracy - (Dr. Ambedkar) Shri Chhatrapati Shahu Maharaj

Accession
Shahu was born on 26 June 1874 as Yeshwantrao Ghatge, eldest son of Appasaheb Ghatge, chief of Kagal (senior) by his wife Radhabai, a daughter of the Raja of Mudhol in present-day Karnataka. He was adopted by Anandibai, widow of Raja Shivaji IV, in March 1884. Several generations of inter-marriage had ensured that Shahu's family was connected intimately with the ruling dynasty of Kolhapur, which is apparently what rendered him a suitable candidate for adoption, despite his not being a male-line member of the Bhonsle dynasty. A council of regency was appointed by the British government of India to oversee affairs of state during Shahu's minority. Shahu was invested with ruling powers upon coming of age in 1894. There is one college named Rajaram college built by Shahu Maharaja

Social Reform:
Shahu maharaj is credited with doing much to further the lot of the lower castes, and indeed this assessment is warranted. He did much to make education and employment available to all: he not only subsidized education in his state, eventually providing free education to all, but also opened several hostels in Kolhapur for students hailing from many different non-brahmin communities, thereby facilitating the education of the rural and low-caste indigent. He also ensured suitable employment for students thus educated, thereby creating one of the earliest Affirmative action programs in history. Many of these measures were effected in the year 1902.

Shahu's other initiatives included restricting Child marriage in his state and the encouragement of intercaste marriage and widow remarriage. He long patronized the Satya Shodhak Samaj but later moved towards the Arya Samaj. Under the influence of these social-reform movements, Shahu arranged for several non-brahmin youths to be trained to function as priests, in defiance of timeless convention which reserved the priesthood for those of the brahmin caste. However, he faced opposition from many including Lokamanya Bal Gangadhar Tilak , the very famous patriot of that time. After Shahu Maharaj's death, this reform died its natural death.

Chhatrapati Shahu was very fond of wrestling and encouraged it in his kingdom.Many wrestlers from all over India came to Kolhapur as wrestling enjoyed royal patronage in Kolhapur.

The Indian postal department has issued a stamp dedicated to Shahu. On the first-issue citation, the government of India hails Shahu as "A social revolutionary, a true democrat, a visionary, a patron of the theatre, music and sports and a prince of the masses. Chhatrapati Shahu was a many-splendoured personality who thought and acted far ahead of his times."

Shri Chhatrapati Shahu Maharaj
"Foundation Ceremony" in presence of Shahu Maharaj (1901)

Bharat Ratna Baba Saheb