हिन्दी समाचार
  • सतारा के साहित्य सम्मेलन से बाहर निकाले गए दो दलित लेखक
    महाराष्ट्र के सतारा में दो दलित लेखकों को एक साहित्य सम्मेलन से अपमानित कर सिर्फ इसलिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि इन लेखकों के भाषणों से मराठा समुदाय से जुड़े कुछ संगठन नाराज हो गए थे। घटना, सतारा के पाटन की है जहां महाराष्ट्र साहित्य परिषद की ओर से दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का आयोजन ...
  • गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुस्लिमो को मारना भाजपा को भारी पड़ने लगा| दलित मुस्लिम एक हुये
    यूपी में गोरक्षा के मुद्दे ने दलितों और मुस्लिमों को गोलबंद कर दिया है जिसका फायदा बीएसपी को आने वाले चुनाव में मिल सकता है। यूपी में दलित और मुस्लिम वोटर्स एक नए चुनावी समीकरण के तौर पर उभर रहे हैं। बीजेपी यूपी में अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी बीएसपी के दलित वोट में सेंध लगाने की ...
  • सहारनपुर: यहां पुलिस के डर से जंगलों में रात बिता रहे हैं दलित!
    15 अगस्त के बाद से सहारनपुर के उसंद गांव के दलित समुदाय के लोग पास के जंगल में रात गुजार रहे हैं। गांव की दलित महिलाएं रात भर देखा करती हैं कि कहीं पुलिस की जीप तो नहीं आ रही है। पिछले एक हफ्ते में तीन दलितों की कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती की ...
  • ABP-नीलसन सर्वे : 2017 में बसपा बनाएगी उत्तर प्रदेश में सरकार
    एबीपी न्यूज ने कल आपको यूपी का ओपिनियन पोल दिखाया था जिसमें बीएसपी सरकार बनाने के करीब नजर आ रही थी. सत्ताधारी समाजवादी पार्टी सर्वे में तीसरे नंबर पर थी. आज एबीपी न्यूज के ओपिनियन पोल की गूंज यूपी में सुनाई दी. देखिए सर्वे पर पार्टियां क्या कह रही हैं? आगरा में अखिलेश यादव अपने ...
  • आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश
    बहन मायावती जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आरएसएस के कट्टरवादी एजेंडे को लागू करने के लिए जेएनयू को देश विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की देशद्रोह की धारा में गिरफ्तारी की निंदा की है। बहन मायावती जी ने यहां जारी एक बयान ...
  • ‘ब्लॉक प्रमुख चुनावों में सपा ने खूब की गुंडई, अपहरण भी कराए’: बहन मायावती जी
    बहन मायावती जी ने यूपी में सत्तारूढ़ सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन जी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में ये आरोप लगाए। बहन जी ने इस बैठक में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधान आदि चुनावों की तरह ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा के लोगों ने जमकर ...
  • बीबीएयू में पीएम का विरोध, दूसरे स्टूडेंट्स ने मांगी माफी
    बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी यानी बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में आए पीएम नरेंद्र मोदी का कुछ छात्रों द्वारा विरोध किए जाने को लेकर यूनिवर्सिटी के दूसरे स्टूडेंट्स ने पीएम से माफी मांगी है। माफीनामे पर बड़ी संख्या में छात्रों ने दस्तखत किए और सोमवार शाम इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दिया गया। कैंपस में ...
  • JNU के 9 और स्टूडेंट्स ने लगाए भेदभाव के आरोप
    एक रिसर्च स्टूडेंट द्वारा पत्र लिखकर भेदभाव का आरोप लगाने के बाद मंगलवार को स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज के 9 और स्टूडेंट्स सामने आए और सभी ने कहा कि उन्हें उनकी कास्ट को लेकर जेएनयू में हैरस किया जाता है। ये सभी एससी/एसटी या ओबीसी कैटिगरी से हैं। इन 9 स्टूडेंट्स का आरोप है कि ...
  • वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन
    रिसर्च स्टूडेंट रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद 17 जनवरी को शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहकर पूरे देश में फैलेगा। जेएनयू और डीयू सहित नौ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि अभी कैंपस में हैं और उन्होंने एक नैशनल जेएसी बनाई है ताकि वेमुला की खुदकुशी के मामले में कार्रवाई के लिए ...
  • सपा सरकार मे यहां दलितों पर टूट रहा दबंगों का कहर, पानी पीने नहीं देते, खिलाते हैं मलमूत्र
    झांसी. हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्‍टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड किए जाने का मामला पूरे देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ | हम वो 10 मामले बताने जा रहा है, जो दलितों के साथ होने वाले अत्‍याचार को बयां करते हैं। आगे पढ़िए, कौन से हैं 10 मामले… पहला मामला: 20 जनवरी 2016 बांदा के ...
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Power of Uttar Pradesh
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Untouchables find new voice : SocialTwist Tell-a-Friend


By Peter Foster in Agra, Updated: 12:15 AM BST 04-05-2004

For India's 170 million dalits - or "untouchables" - Mayawati is a name that symbolises hope and opportunity after centuries of oppression at the bottom of India's caste system.

Mayawati Kumari, a woman born into a dalit family 48 years ago, was able to break through the barrier of caste to become the political leader of India's masses.

She arrives in a whirlwind of dust, her helicopter touching down on a playing field in Agra - site of the Taj Mahal - where 30,000 of her followers are chanting her name.

Mayawati - a serene figure affectionately known as behenji or sister - waits patiently for the crowd to settle before addressing her followers in her measured tones.

It is an oft-repeated speech, promising the basic necessities dalit communities are so routinely denied - education, health care, clean water and even access to temples and roads for their weddings.

To wild applause, Mayawati also promises to drive out the babus - bureaucrats - whose demands for bribes make life a constant trial for India's disempowered masses.

Down the road tourists are queuing for the Taj Mahal - and yet for all the millions of dollars spent here annually Agra remains a decrepit town of pot-holed roads and contaminated water supplies.

"We believe Mayawati will help us," said Raj Kumar, a 30-year-old cobbler. "Mayawati is the only politician who understands our needs. She can bring us something to make life better."

Such allegiance is the cornerstone of Mayawati's political power, which has become increasingly visible during this month's Indian general election, which ends on May 10.

If the early exit polls are correct and India faces a hung parliament, Mayawati's Bahujan Samaj Party - "party of the masses" - is hoping to play kingmaker to a new coalition government.

In 1999 her party won just 14 seats in India's 542-seat parliament but this time some analysts predict Mayawati could win 30 - enough to become a critical factor in the post-poll power games.

Although it is almost 50 years since India passed its first anti-caste legislation, caste remains a powerful force in everyday Indian life, particularly in rural areas.

"We estimate that more than 60 per cent of dalits in rural areas still have restricted access to public areas such as temples, roads, wells and schools," said Prof Sukhadeo Thorat of the Indian Institute of Dalit Studies.

For ordinary lower-caste Indians Mayawati is an icon of upward mobility that they are unlikely ever to match.

Although born into a dalit family, she was able to study and become first a teacher and then a lawyer who was adopted as the protege of Kanshi Ram, her party's president.

In 1995, Mayawati became the first dalit to become a chief minister of an Indian state government -even though her coalition administration in Uttar Pradesh collapsed after four months.

Today, Mayawati is rich beyond the dreams of her average supporter - she declared election assets of more than 100 million rupees (1.3 million) - but even allegations of corruption and press reports of indulgence do not seem to dent her popularity.

"Mayawati is everything that these people can only dream of being," said Shankkar Aiyar, a political analyst for India Today magazine. "They see she has made it for herself. For them her riches are a symbol of hope that she can empower them, too."

Bharat Ratna Baba Saheb